Correct option is D
सही उत्तर: (d) बहुव्रीहि
'वज्रायुध' शब्द में बहुव्रीहि समास है।
समास का विश्लेषण:
बहुव्रीहि समास वह समास है जिसमें समस्त पद किसी तीसरे पद का बोध कराता है।
इस समास का अर्थ स्वयं उस शब्द पर नहीं, बल्कि किसी अन्य पर लागू होता है।
'वज्रायुध' का अर्थ है 'वज्र है जिसका आयुध', अर्थात् इन्द्र।
यहाँ 'वज्र' और 'आयुध' के संयोग से बना शब्द इन्द्र की ओर संकेत करता है।
संधि-विच्छेद:
वज्र + आयुध = वज्रायुध
विश्लेषण:
- 'वज्र': इसका अर्थ है 'बिजली' या 'थंडरबोल्ट'।
- 'आयुध': इसका अर्थ है 'हथियार'।
इस समास में दोनों शब्द मिलकर किसी तीसरे व्यक्ति (इन्द्र) का बोध करा रहे हैं, जिनका हथियार वज्र है।
अतिरिक्त जानकारी:
द्विगु समास:
- इस समास में संख्या से संबंधित पद होते हैं।
उदाहरण: - त्रिलोक: (त्रि + लोक → 'तीन लोक')।
- चतुर्भुज: (चतुर् + भुज → 'चार भुजाएँ')।
द्वन्द्व समास:
- इसमें दो समान पदों का योग होता है और उनके बीच 'और' का भाव होता है।
उदाहरण: - राम-लक्ष्मण → 'राम और लक्ष्मण'।
- दिनरात → 'दिन और रात'।
कर्मधारय समास:
- इसमें विशेषण-विशेष्य या उपमेय-उपमान का संबंध होता है।
उदाहरण: - नीलकमल: (नील + कमल → 'नीला कमल')।
- देवपुरुष: (देव + पुरुष → 'देव समान पुरुष')।