Correct option is C
सही उत्तर:(C) दश हैं मुख जिसके = दशानन
उत्तर की व्याख्या:
· दशानन शब्द का समास-विग्रह "दस हैं आनन जिसके" है, ना कि दश हैं मुख जिसके
· यह बहुव्रीहि समास है, क्योंकि इसमें दोनों पद मिलकर किसी विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | समास-विग्रह | समास का नाम | सही/गलत |
(A) चार हैं आनन जिसके | चतुरानन | बहुव्रीहि समास | सही |
(B) लम्बा है उदर जिसका | लम्बोदर | बहुव्रीहि समास | सही |
(C) दश हैं मुख जिसके | दशानन - दश हैं आनन जिसके | बहुव्रीहि समास | गलत |
(D) तीन हैं नेत्र जिसके | त्रिनेत्र | बहुव्रीहि समास | सही |
अतिरिक्त जानकारी:
समास - समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसमें दो शब्द मिलकर उनके बीच के संबंधसूचक आदि का लोप करके नया शब्द बनाया जाता है। समास से तात्पर्य संक्षिप्तिकरण से है। समास के माध्यम से कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। जैसे - राजा का पुत्र = राजपुत्र।
समास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
समास का नाम | परिभाषा | उदाहरण |
तत्पुरुष समास | जिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप हो। | गृहस्वामी = घर का मालिक , विद्यादाता = विद्या का दाता |
बहुव्रीहि समास | जिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं। | चक्रपाणि = जिसके हाथ में चक्र हो, चतुर्वेदी = चार वेद जानने वाला |
कर्मधारय समास | जिस समास में विशेषण और विशेष्य के रूप में दोनों पद का संबंध हो। | श्वेतपुष्प = सफेद रंग का फूल, महानगर = महान है जो नगर |
द्विगु समास | जिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो। | चतुर्दिक = चार दिशाओं का समूह, सप्तसागर = सात समुद्र का समूह |
अव्ययीभाव समास | जिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त पद अव्यय का काम करें। | शीघ्रागमन = जल्दी आने वाला, प्रत्यक्ष = सामने रखे हुए |
द्वन्द्व समास | द्वन्द्व समास में समस्तपद के दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं। "और," "या," "एवं" आदि शब्दों का लोप होने पर बनता है। | रामलक्ष्मण = राम और लक्ष्मण, सूर्यचंद्र = सूर्य और चंद्रमा |
निष्कर्ष:
सभी विकल्पों में बहुव्रीहि समास है, लेकिन (C) का समास-विग्रह तकनीकी रूप से गलत है।