Correct option is C
सही उत्तर: C. पर्णकुटी – द्वंद्व समास
व्याख्या:
पंचवटी – द्विगु समास (सही):
- द्विगु समास में संख्यावाचक शब्द विशेष्य के साथ जुड़ता है।
- पंचवटी = पंच + वटी (पाँच वृक्षों वाला स्थान)।
- यहाँ "पंच" संख्यावाचक शब्द है, अतः यह द्विगु समास का उदाहरण है।
विद्याभंडार – तत्पुरुष समास (सही):
- तत्पुरुष समास में उत्तरपद प्रधान होता है।
- विद्याभंडार = विद्या का भंडार।
- यहाँ "विद्या" विशेषण और "भंडार" प्रधान है।
पर्णकुटी – द्वंद्व समास (गलत):
- पर्णकुटी शब्द में पर्ण (पत्ता) + कुटी (झोपड़ी) का संबंध है।
- यह कर्मधारय समास है, क्योंकि इसमें विशेषण-विशेष्य का संबंध है।
- द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं, जैसे: राम-लक्ष्मण।
यथानियम – अव्ययीभाव समास (सही):
- अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय (अपरिवर्तनीय) होता है और अर्थ में सामान्यता या प्रकार का बोध होता है।
- यथानियम = नियम के अनुसार।
- यहाँ "यथा" अव्यय है, अतः यह अव्ययीभाव समास है।
निष्कर्ष:
पर्णकुटी द्वंद्व समास नहीं, बल्कि कर्मधारय समास है।
अतः सही उत्तर है: C पर्णकुटी – द्वंद्व समास।
अतः सही उत्तर है: C पर्णकुटी – द्वंद्व समास।