Correct option is C
सही उत्तर है:
(C) क् + छ
(C) क् + छ
'क्ष' वर्ण क् (क) और छ (छ) के योग से बना है। यह एक संयुक्त वर्ण है।
संयुक्त वर्ण (Conjunct Consonants) वे वर्ण होते हैं जो दो या दो से अधिक व्यंजन वर्णों के मिलन से बनते हैं। हिंदी भाषा में जब दो या दो से अधिक व्यंजन वर्ण एक साथ मिलकर नया ध्वनि रूप उत्पन्न करते हैं, तो उसे संयुक्त वर्ण कहते हैं।
संयुक्त वर्णों की विशेषताएँ:
संयोजन:
एक संयुक्त वर्ण दो या दो से अधिक व्यंजन (consonants) के मेल से बनता है।
उदाहरण: 'क्ष' (क् + छ), 'त्र' (त् + र), 'ज्ञ' (ज् + ञ) आदि।
लिपि में लिखावट:
हिंदी लिपि (देवनागरी) में संयुक्त वर्णों के लिए विशेष रूप से जोड़ने का तरीका होता है। यह जोड़ने का तरीका अधिकतर एक व्यंजन के नीचे या ऊपर दूसरे व्यंजन के निशान के रूप में दिखाई देता है।
जैसे, 'क्ष' में क् और छ के मिश्रण को एक साथ जोड़ा गया है, 'त्र' में त् और र को जोड़ा गया है।
संयुक्त वर्णों के प्रकार:
दो व्यंजन संयुग्म: जब दो व्यंजन मिलकर एक नया ध्वनि रूप बनाते हैं।
उदाहरण: क्ष (क् + छ), ज्ञ (ज् + ञ), द्र (द् + र), स्म (स् + म), व्र (व् + र), आदि।
तीन व्यंजन संयुग्म: जब तीन व्यंजन मिलकर एक नया ध्वनि रूप बनाते हैं।
उदाहरण: श्र (श् + र) – इस प्रकार के संयुग्म को त्रैमातिक संयुग्म कहा जाता है।
दो अथवा अधिक स्वर संयुग्म: कुछ संयुग्म स्वर (vowels) के भी होते हैं, जैसे: आउ (आ + उ), आदि।
उपयोग:
संयुक्त वर्ण हिंदी में शब्दों को संक्षिप्त और अधिक प्रवाहपूर्ण बनाने में मदद करते हैं। जैसे कि 'स्म' (स्मृति), 'द्र' (द्रव्य), 'ज्ञ' (ज्ञान) आदि।
ये वर्ण शुद्ध रूप से एक साथ मिलकर एक विशेष ध्वनि उत्पन्न करते हैं जो अकेले दोनों व्यंजन मिलकर उत्पन्न नहीं कर सकते।
संयुक्त वर्णों के उदाहरण:
क्ष (क् + छ) - क्षेत्र, वक्ष
ज्ञ (ज् + ञ) - ज्ञान, ज्ञानी
त्र (त् + र) - त्रिकोण, त्रैपुरुष
द्र (द् + र) - द्रव्य, द्रष्टा
श्र (श् + र) - श्रद्धा, श्राप
त्थ (त् + थ) - त्थ (साधारणत: प्रयुक्त नहीं होता)
महत्वपूर्ण बिंदु:
हिंदी में संयुक्त वर्णों का प्रयोग शब्दों के अर्थ को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है।
संयुक्त वर्ण अक्सर संधि के कारण होते हैं, जैसे कि दो शब्दों के मिलकर एक नया शब्द बनाने के लिए जोड़ा जाना।
इन्हें हिंदी वर्णमाला में अलग से एक "व्यंजन" के रूप में नहीं माना जाता, बल्कि इन्हें "संयुग्म" के रूप में लिया जाता है।