Correct option is A
सही उत्तर: A. वर्ण
व्याख्या:
वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई होती है। यह ध्वनि की सबसे छोटी यूनिट होती है, जो किसी शब्द के निर्माण में प्रयोग की जाती है। वर्ण का आकार कोई भी हो सकता है, लेकिन इसकी पहचान एक ध्वनि से होती है। उदाहरण के रूप में, 'क', 'प', 'स', 'म' आदि प्रत्येक एक-एक वर्ण होते हैं जो किसी भी शब्द को बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
वर्ण और उनके प्रकार:
- स्वर: स्वर वो वर्ण होते हैं जिनकी ध्वनि से किसी सहायक ध्वनि (व्यंजन) की आवश्यकता नहीं होती। जैसे 'अ', 'आ', 'इ', 'ई', 'उ', 'ऊ', 'ऋ', आदि।
- उदाहरण: "आ" शब्द में स्वर का उपयोग किया गया है।
- व्यंजन: व्यंजन वे वर्ण होते हैं जिन्हें स्वर के साथ बोला जाता है, बिना स्वर के वे पूरी तरह से अर्थपूर्ण नहीं होते।
- उदाहरण: "क", "ख", "ग" आदि। इन वर्णों की ध्वनि स्वर की मदद से पूरी होती है।
वर्ण की विशेषताएँ:
● ध्वनि आधारित इकाई: वर्ण ध्वनि से बने होते हैं और इनके बिना शब्दों का निर्माण संभव नहीं है।
● शब्दों के निर्माण की आधारशिला: हर शब्द में कम से कम एक वर्ण होता है, और कई वर्ण मिलकर शब्द का निर्माण करते हैं। उदाहरण के रूप में, "घर" में 3 वर्ण हैं: "ग", "ह", "र"।
अन्य इकाइयाँ:
● पद: पद एक शब्द होता है जो किसी अर्थ को व्यक्त करता है। जैसे "घर", "पानी", "खुश" आदि। शब्द की सीमा वर्ण से आगे होती है, जिसमें एक या एक से अधिक वर्ण होते हैं।
● पदबंध: जब दो या दो से अधिक शब्द एक साथ मिलकर कोई अर्थ व्यक्त करते हैं, तो उसे पदबंध कहा जाता है। जैसे "सुबह का समय", "खुश रहना" आदि।
● शब्द: यह एक विस्तृत इकाई है जो पूर्ण अर्थ प्रदान करता है। जैसे "बाल", "घर", "पानी" आदि।
सूचना बूस्टर:
● वर्ण शब्दों का निर्माण करते हैं। प्रत्येक शब्द में कई वर्ण होते हैं।
● स्वर और व्यंजन मिलकर वर्ण का रूप लेते हैं और शब्दों का उच्चारण होता है।
● बिना वर्ण के, हम किसी भी शब्द को बोल नहीं सकते, इसलिए इसे भाषा की सबसे छोटी इकाई माना जाता है।