Correct option is B
सही उत्तर:(B) चिड़ीमार = चिड़ियों को मारने वाला
उत्तर की व्याख्या:
"चिड़ीमार" का समास-विग्रह
"चिड़ियों को मारने वाला" सही है। यह
कर्मधारय समास है, जिसमें दोनों पदों के बीच विशेषण और विशेष्य का संबंध होता है। "चिड़ी" (चिड़ी = चिड़ी) विशेषण है, और "मार" (मारना) क्रिया है, जो विशेष्य के रूप में कार्य कर रही है। यह समास इस बात को इंगित करता है कि वह व्यक्ति जो चिड़ियों को मारने वाला होता है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
सही समास-विग्रह |
समास का प्रकार |
व्याख्या |
| (A) घुड़दौड़ = घोड़ों के लिए दौड़ |
घोड़ों के लिए दौड़ |
तत्पुरुष समास |
यह समास 'घुड़' और 'दौड़' को जोड़कर घोड़ों की दौड़ की ओर संकेत करता है। |
| (B) चिड़ीमार = चिड़ियों को मारने वाला |
चिड़ियों को मारने वाला |
कर्मधारय समास |
यहाँ 'चिड़ी' (चिड़ीया) और 'मार' (मारने वाला) के संबंध में यह समास है, जिसमें क्रिया और कर्ता का संबंध है। |
| (C) गंगास्नान = गंगा का स्नान |
गंगा में स्नान |
तत्पुरुष समास |
'गंगा' (नदी) और 'स्नान' (स्नान) का समास है, जिसमें 'गंगा में स्नान' का अर्थ निकलता है। |
| (D) रणनिमंत्रण = रण का निमंत्रण |
रण के लिए निमंत्रण |
तत्पुरुष समास |
यह समास 'रण' (युद्ध) और 'निमंत्रण' (आमंत्रण) को जोड़ता है, जिसका अर्थ है युद्ध के लिए निमंत्रण। |
समास - समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसमें दो शब्द मिलकर उनके बीच के संबंधसूचक आदि का लोप करके नया शब्द बनाया जाता है। समास से तात्पर्य संक्षिप्तिकरण से है। समास के माध्यम से कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। जैसे - राजा का पुत्र = राजपुत्र।
समास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
| समास का नाम |
परिभाषा |
उदाहरण |
| तत्पुरुष समास |
जिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप हो। |
गृहस्वामी = घर का मालिक , विद्यादाता = विद्या का दाता |
| बहुव्रीहि समास |
जिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं। |
चक्रपाणि = जिसके हाथ में चक्र हो, चतुर्वेदी = चार वेद जानने वाला |
| कर्मधारय समास |
जिस समास में विशेषण और विशेष्य के रूप में दोनों पद का संबंध हो। |
श्वेतपुष्प = सफेद रंग का फूल, महानगर = महान है जो नगर |
| द्विगु समास |
जिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो। |
चतुर्दिक = चार दिशाओं का समूह, सप्तसागर = सात समुद्र का समूह |
| अव्ययीभाव समास |
जिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त पद अव्यय का काम करें। |
शीघ्रागमन = जल्दी आने वाला, प्रत्यक्ष = सामने रखे हुए |
| द्वन्द्व समास |
द्वन्द्व समास में समस्तपद के दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं। "और," "या," "एवं" आदि शब्दों का लोप होने पर बनता है। |
रामलक्ष्मण = राम और लक्ष्मण, सूर्यचंद्र = सूर्य और चंद्रमा |