Correct option is B
Ans. (b)
Sol.
जॉर्ज विलियम फ्रेडरिक हीगल (1770–1831) ने इतिहास की व्याख्या द्वन्द्वात्मक पद्धति (Dialectical Method) के आधार पर की। हीगल का यह दृष्टिकोण "आदर्शवाद" (Idealism) पर आधारित है। हीगल के अनुसार, इतिहास मानव आत्मा के विकास की प्रक्रिया है, जो 'थीसिस' (Thesis), 'एंटीथीसिस' (Antithesis), और 'सिंथेसिस' (Synthesis) के रूप में आगे बढ़ती है।
महत्वपूर्ण बातें:
- हीगल ने कहा कि इतिहास एक तार्किक और उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है।
- उनका द्वन्द्वात्मक पद्धति (Dialectical Method) आदर्शवाद पर आधारित था, जहां हर विरोधाभास (Contradiction) एक उच्च सत्य की ओर ले जाता है।
- इतिहास की घटनाएँ और विचार सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से विकसित होते हैं।
- "विश्व आत्मा" (World Spirit) इतिहास को गति देती है।
- हीगल का दर्शन इतिहास को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का आधार प्रदान करता है।
Information Booster
- द्वन्द्वात्मक पद्धति: थीसिस, एंटीथीसिस, और सिंथेसिस के माध्यम से विचारों और समाज के विकास का सिद्धांत।
- आदर्शवाद का दृष्टिकोण: विचार भौतिक परिस्थितियों से पहले आते हैं।
- हीगल का प्रभाव कार्ल मार्क्स और अन्य विचारकों पर भी पड़ा।
- "इतिहास" को मानवता की उन्नति और विचारधाराओं के विकास का रिकॉर्ड माना।
- उनके विचारों को आलोचना भी मिली क्योंकि वे अक्सर जटिल और प्रतीकात्मक माने गए।
Additional Knowledge
(a) तेन:
हिप्पोलिट टेन एक फ्रांसीसी इतिहासकार थे, जिन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं को उनके सामाजिक, भौगोलिक, और सांस्कृतिक संदर्भों में समझने पर जोर दिया। उनका दृष्टिकोण भौतिकवादी और वैज्ञानिक था।
(b) हीगल:
हीगल ने आदर्शवाद और द्वन्द्वात्मक पद्धति को ऐतिहासिक विश्लेषण के लिए आधार बनाया। उनके सिद्धांत ने सामाजिक, राजनीतिक, और आर्थिक विचारधाराओं को गहराई से प्रभावित किया।
(c) विको:
जियोवान्नी बटिस्टा विको ने 'नया विज्ञान' (New Science) का प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने इतिहास को चक्रीय (Cyclical) प्रक्रिया के रूप में देखा।
(d) वॉल्टेयर:
वॉल्टेयर ने "इतिहास दर्शन" (Philosophy of History) का विकास किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में मानव सभ्यता और विचारधाराओं का विश्लेषण महत्वपूर्ण है।