Correct option is A
सही उत्तर:A पृथ्वीराज रासो
व्याख्या:
'पृथ्वीराज रासो' हिंदी का प्रथम महाकाव्य माना जाता है। यह महाकाव्य चंदबरदाई द्वारा रचित है, जो पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि और घनिष्ठ मित्र थे। इस ग्रंथ में पृथ्वीराज चौहान के वीरतापूर्ण जीवन और उनके संघर्षों का वर्णन किया गया है। यह वीरगाथा काल की सबसे प्रमुख रचना है, जिसमें वीर रस का उत्कृष्ट चित्रण किया गया है।
सूचना बूस्टर:
● 'पृथ्वीराज रासो' वीरगाथा काल (आदि काल) का प्रसिद्ध महाकाव्य है।
● इसके रचयिता चंदबरदाई हैं।
● इसमें पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच हुए युद्धों का वर्णन मिलता है।
● 'पृथ्वीराज रासो' को हिंदी साहित्य का प्रथम महाकाव्य माना जाता है।
● इसमें वीर रस, शृंगार रस और राजपूती संस्कृति का सुंदर चित्रण है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पद्मावत: यह मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा रचित सूफी प्रेमकाव्य है।
- रामचरितमानस: गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भक्तिकाल का महाकाव्य है।
- पृथ्वीराज विजय: यह संस्कृत भाषा में लिखा गया महाकाव्य है।
अत: 'पृथ्वीराज रासो' हिंदी का प्रथम महाकाव्य है।