Correct option is D
सही उत्तर: (D) रीतिकाल
व्याख्या:
·
कवि भूषण हिंदी साहित्य के
रीतिकाल के प्रमुख कवि थे।
· वे वीर रस के प्रतिष्ठित कवि माने जाते हैं। उन्होंने अपने काव्य में वीरता और शौर्य का वर्णन किया है।
· भूषण ने मुख्यतः
छत्रपति शिवाजी और
बुंदेलखंड के राजा छत्रसाल की वीरता का गुणगान किया।
· उनकी रचनाओं में तत्कालीन युद्ध और शौर्य की झलक मिलती है, जो रीतिकाल के वीरगाथात्मक साहित्य की विशेषता है।
विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
विश्लेषण |
सही/गलत |
| (A) |
भक्तिकाल में प्रमुख कवियों ने भक्ति, ईश्वर प्रेम और आध्यात्मिकता का वर्णन किया। भूषण का काव्य मुख्यतः वीर रस और शौर्य पर केंद्रित है, जो भक्तिकाल से मेल नहीं खाता। |
गलत |
| (B) |
आधुनिक काल में समाज सुधार, स्वतंत्रता संग्राम और व्यक्तिगत भावनाओं का वर्णन हुआ। भूषण का काव्य इस काल से संबंधित नहीं है। |
गलत |
| (C) |
आदिकाल में वीरगाथात्मक काव्य रचनाएँ हुईं, लेकिन भूषण का काव्य रीतिकाल में आता है। आदिकाल और रीतिकाल की रचनाओं में शैली और उद्देश्य का अंतर है। |
गलत |
| (D) |
रीतिकाल में श्रृंगार, वीरता और नीति परक काव्य लिखा गया। भूषण ने वीर रस में रचनाएँ कीं और रीतिकाल के कवि के रूप में प्रतिष्ठित हैं। |
सही |
भूषण-
जन्म- 1613-1715 ई.
रीतिकाल की रीतिबद्ध शाखा के कवि है।
रीतिकालीन कवियों में राष्ट्रीय स्वर के कवि माने जाते है।
· आश्रयदाता - छत्रसाल और शिवाजी
रचनाएँ-
· शिवराज भूषण
· शिवा बावनी
· छत्रसाल दशक
· भूषण उल्लास
· दूषण उल्लास आदि।
निष्कर्ष:
· कवि भूषण वीर रस के प्रमुख कवि थे और उनका संबंध रीतिकाल से है।
इसलिए सही उत्तर है: (D) रीतिकाल।