Correct option is A
व्याख्या:
'अनायास' में नञ तत्पुरुष समास है।
· नञ तत्पुरुष समास में पहले पद के रूप में 'न' या 'अन' का प्रयोग होता है, जो नकारात्मक अर्थ व्यक्त करता है।
· 'अनायास' का अर्थ है "बिना प्रयास के" या "सरलता से"।
· इसमें 'अन' (नकारात्मक) और 'आयास' (प्रयास) शब्द मिलकर यह समास बनाते हैं।
· यह तत्पुरुष समास का प्रकार है, क्योंकि इसमें 'न' नकारात्मकता व्यक्त करता है।
नञ तत्पुरुष समास की विशेषताएँ:
1. पहला पद 'न' या 'अन':
· यह समास का मुख्य नकारात्मक पद होता है।
· उदाहरण: अनुचित (जो उचित न हो), अनजान (जो जानता न हो)।
2. दूसरा पद विशेष्य:
· यह समास के मुख्य अर्थ को स्पष्ट करता है।
· उदाहरण: अनायास (बिना प्रयास के)।
3. 'का/के/की' का संबंध:
· तत्पुरुष समास में पदों के बीच 'का/के/की' का भाव निहित होता है।
· उदाहरण: "अनायास = न + आयास" (प्रयास का अभाव)।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | शब्द | सही या गलत | स्पष्टीकरण |
A | नञ | सही | 'अनायास' में पहला पद 'अन' है, जो नकारात्मक अर्थ व्यक्त करता है। यह नञ तत्पुरुष समास है। |
B | द्वंद्व | गलत | द्वंद्व समास में 'और' का भाव होता है। उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता)। 'अनायास' में ऐसा भाव नहीं है। |
C | द्विगु | गलत | द्विगु समास में पहला पद संख्या वाचक होता है। उदाहरण: त्रिलोकी (तीन लोक)। 'अनायास' में संख्या का उल्लेख नहीं है। |
D | अव्ययीभाव | गलत | अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय होता है और समस्त पद अव्यय रूप में प्रयुक्त होता है। 'अनायास' में यह स्थिति नहीं है। |
सूचना बूस्टर:
● नञ तत्पुरुष समास:
· इसमें पहला पद नकारात्मक ('न' या 'अन') होता है।
· यह नकारात्मकता व्यक्त करता है।
· उदाहरण: अनुचित (जो उचित न हो), अनजान (जो जानता न हो)।
● द्वंद्व समास:
· दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं और 'और' का भाव व्यक्त करते हैं।
· उदाहरण: सुख-दुख (सुख और दुख)।
● द्विगु समास:
· पहला पद संख्या वाचक होता है।
· उदाहरण: त्रिलोकी (तीन लोक), द्वारिकापति (द्वारिका के स्वामी)।
● अव्ययीभाव समास:
· पहला पद अव्यय होता है और पूरा पद अव्यय रूप में प्रयुक्त होता है।
· उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)।
'अनायास' का शाब्दिक अर्थ और उपयोग:
· अर्थ: बिना प्रयास के, सरलता से।
· वाक्य: "अनायास ही समस्या का समाधान हो गया।"
· यह नञ तत्पुरुष समास का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।