Correct option is A
सही उत्तर:A राजेंद्र प्रसाद
व्याख्या:
हिंदी में सबसे पहले आत्मकथा लिखने वाले व्यक्ति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। उनकी आत्मकथा का नाम 'आत्मकथा' है, जिसे 1946 में प्रकाशित किया गया था। यह आत्मकथा उनके व्यक्तिगत जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका और भारत के पहले राष्ट्रपति बनने तक के सफर का वर्णन करती है। उन्होंने अपने अनुभवों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत किया, जिससे यह आत्मकथा हिंदी साहित्य का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गई।
सूचना बूस्टर:
● डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे।
● उनकी आत्मकथा 'आत्मकथा' में उनके बचपन, शिक्षा, सामाजिक जीवन और राजनीतिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण है।
● यह आत्मकथा 20वीं सदी के भारतीय समाज और राजनीति की तस्वीर पेश करती है।
● इसे हिंदी की प्रारंभिक आत्मकथाओं में से एक माना जाता है।
● उनके अन्य योगदानों में संविधान सभा में नेतृत्व और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष शामिल है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- श्याम सुंदर दास: हिंदी साहित्य के विद्वान और लेखक थे, परंतु उन्होंने आत्मकथा नहीं लिखी।
- जवाहरलाल नेहरू: उनकी आत्मकथा 'An Autobiography' अंग्रेजी में लिखी गई है।
- सेठ गोविन्द दास: वे एक प्रसिद्ध साहित्यकार और स्वतंत्रता सेनानी थे, लेकिन उनकी आत्मकथा 'अर्द्धशताब्दी के संस्मरण' बाद में लिखी गई।
अत: हिंदी में सबसे पहली आत्मकथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा लिखी गई है।