Correct option is B
ठुमरी के लिए
दीपचंदी ताल सबसे अधिक उपयुक्त मानी जाती है। दीपचंदी ताल 14 मात्राओं की ताल है, जिसे
चंचल और कोमल भावनाओं को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। ठुमरी, जो मुख्य रूप से
श्रृंगार रस पर आधारित होती है, दीपचंदी ताल के माध्यम से अपनी सौम्य और भावनात्मक प्रस्तुति को अधिक प्रभावी बनाती है। ठुमरी का विकास
लखनऊ और बनारस घराने में हुआ, और इसे अधिकतर दीपचंदी ताल, कहरवा ताल और अदा चौताल में गाया जाता है।
मुख्य बिंदु:
1. दीपचंदी ताल में 14 मात्राएँ होती हैं, और इसके चार विभाग होते हैं।
2. ठुमरी मुख्य रूप से श्रृंगार रस से संबंधित होती है, जिसमें प्रेम, विरह, और कोमल भावनाएँ व्यक्त की जाती हैं।
3. बनारस और लखनऊ घराने की ठुमरी में दीपचंदी ताल का प्रमुख रूप से प्रयोग किया जाता है।
4. अन्य तालें, जैसे कहरवा और अदा चौताल भी ठुमरी के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
5. दीपचंदी ताल का उपयोग अन्य हल्की शास्त्रीय शैलियों, जैसे दादरा और टप्पा में भी किया जाता है।