Correct option is C
विकास की दृष्टि से प्रकृति की पूर्व कालीन अवस्था का नाम पालि हैI
पालि (500- ई. पू. से 1 ई. तक )-
• पालि मध्यकालीन आर्य भाषा की प्रथम अवस्था हैI
• 'पल्लि' से पालि शब्द की व्युत्पत्ति हुई है पालि का अर्थ है 'ग्राम' इस प्रकार पालि का अर्थ होगा 'ग्रामीण भाषा'
• कुछ विद्वान पालि को बौद्ध साहित्य को पालने वाली या रक्षा करने वाली भाषा मानते हैंI
• डॉ. हरदेव बाहरी के अनुसार- भाषा के अर्थ में पालि शब्द का उपयोग सबसे पहले आचार्य बुद्ध घोष (5 वीं शती) ने किया थाI
• पालि शब्द का उपयोग यूरोप में सर्वप्रथम हुआ किंतु 'कच्चायन' और 'भोगलान'नामक दो पालि व्याकरणों ने पालि का उपयोग भाषा के अर्थ में किया हैI
• बौद्ध धर्म का प्रभाव होने के कारण सम्राट अशोक की राजभाषा पालि थी Iबौद्ध धर्म से संबंधित तीनों महत्वपूर्ण ग्रंथ सूत पिटक,विनय पिटक और अभिधम पिटक पाली भाषा में लिखे हुए हैंI
पालि से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रंथ -
• अट्ठकथा साहित्य - आचार्य बुद्ध घोष (5 वीं सदी )
• विसुद्धि मग - आचार्य बुद्ध घोष (5 वीं सदी )
• कच्चायन व्याकरण - महाकच्चायन (7 वीं सदी)
• मोग्गलान व्याकरण - मोग्गलान ( 12 वीं सदी )
• सद्यनीति व्याकरण - अग्गवंश (1154 ई.)
• विसुद्धिमग को बौद्ध सिद्धांतों का कोश भी कहते हैं इसे 'सुसन्धिकप्प' और 'कच्चान गंध' भी कहा जाता है यह पालि का सर्वश्रेष्ठ व्याकरण माना जाता हैI
• कच्चायन के अनुसार पालि में 41 ध्वनियाँ है जिसमें 8 स्वर तथा 33 व्यंजन है
संस्कृत (800 ई. पू. से 500 ई. पू. तक)-
• यह प्राचीन भारतीय आर्य भाषा की अवस्था हैI
• संस्कृत का प्राचीनतम ग्रंथ रामायण माना जाता हैI
अवहट्ट -
• अपभ्रशं का ही परिवर्तित रूप हैI
• डॉक्टर सुनीति कुमार चटर्जी ने अपभ्रशं और आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं के बीच की कड़ी को अवहट्ट कहा हैI
• अवहट्ट शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग ज्योतिरिश्वर ठाकुर ने अपने 'वर्णरत्नाकर' ग्रंथ में किया हैI