Correct option is B
सही उत्तर: (B) ब्रज
उत्तर की व्याख्या:
रसखान भक्ति काल के प्रमुख कवि थे, जो विशेष रूप से कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत रचनाएँ करते थे।
उनकी रचनाओं की भाषा ब्रजभाषा है, जो उस समय की एक सजीव काव्यभाषा मानी जाती थी।
रसखान मुसलमान होते हुए भी श्रीकृष्ण के परम भक्त थे और उनकी रचनाओं में रास, प्रेम और वात्सल्य रस की गहराई देखने को मिलती है।
उनकी रचनाओं की भाषा ब्रजभाषा है, जो उस समय की एक सजीव काव्यभाषा मानी जाती थी।
रसखान मुसलमान होते हुए भी श्रीकृष्ण के परम भक्त थे और उनकी रचनाओं में रास, प्रेम और वात्सल्य रस की गहराई देखने को मिलती है।
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | सही / गलत | कारण |
|---|---|---|
A. अवधी | गलत | अवधी भाषा तुलसीदास आदि कवियों की प्रमुख भाषा रही है, न कि रसखान की। |
B. ब्रज | सही | रसखान ने अपनी रचनाएँ ब्रजभाषा में ही लिखी हैं। |
C. उर्दू-फ़ारसी | गलत | यद्यपि रसखान मुसलमान थे और उन्हें फ़ारसी आती थी, परंतु उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ ब्रजभाषा में हैं। |
D. खड़ीबोली | गलत | खड़ीबोली का काव्यात्मक प्रयोग बाद में हुआ, विशेषकर आधुनिक काल में। |
अतिरिक्त जानकारी:
कवि | भाषा | विशेषता |
|---|---|---|
रसखान | ब्रजभाषा | कृष्णभक्ति, प्रेम रस, रास लीला का चित्रण |
तुलसीदास | अवधी | रामचरितमानस के रचयिता |
सूरदास | ब्रज | वात्सल्य भाव में कृष्ण भक्ति |
रहीम | ब्रज + हिंदी | नीति, भक्ति और प्रेम पर दोहे |
निष्कर्ष:
रसखान की रचनाएँ ब्रजभाषा में हैं और उन्होंने श्रीकृष्ण भक्ति में डूबकर अत्यंत मधुर पद रचे हैं।इसलिए सही उत्तर है – (B) ब्रज।