Correct option is C
सही उत्तर: (C) काव्य गुण
व्याख्या:
- काव्य गुण कविता के पदों में सक्रियता और प्रभावशीलता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- काव्यगुण काव्य का आंतरिक सौंदर्य बढ़ाते हैं, जिससे उसकी प्रभावशाली अभिव्यक्ति होती है।
- काव्यगुण के प्रकार:
आचार्य भामह, दंडी, और वामन ने काव्यगुणों का विवेचन किया है। मुख्यतः तीन काव्यगुण माने जाते हैं:
- माधुर्य गुण – यह गुण कविता में कोमलता, सुगमता और सरसता लाता है। (उदाहरण: कालिदास की कविता)
- ओज गुण – यह गुण कविता में गंभीरता, शक्ति और प्रभावशाली अभिव्यक्ति को बढ़ाता है। (उदाहरण: तुलसीदास की कविता)
- प्रसाद गुण – यह गुण कविता को सहज, स्पष्ट और सुबोध बनाता है। (उदाहरण: कबीर की कविता)
इन गुणों के कारण कविता में सजीवता, प्रवाह, और सौंदर्य आता है, जिससे वह प्रभावशाली बनती है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | विश्लेषण | सही / गलत |
|---|---|---|
छंद | छंद कविता की लय और संरचना को नियमित करता है, लेकिन यह कविता की प्रभावशीलता और सक्रियता का मुख्य स्रोत नहीं है। | गलत |
अलंकार | अलंकार कविता को सजीव और आकर्षक बनाते हैं, लेकिन यह काव्यगुणों के पूरक मात्र होते हैं। | गलत |
काव्य गुण | कविता में प्रभावशीलता, प्रवाह और भावों की तीव्रता बढ़ाने का मुख्य कार्य काव्यगुणों का होता है। | सही |
रस | रस कविता के भावात्मक पक्ष को प्रभावित करता है, लेकिन यह सक्रियता और प्रभावशीलता का सीधा कारण नहीं है। | गलत |
निष्कर्ष:
- काव्यगुण ही कविता के पदों में सक्रियता और प्रभावशीलता लाने का मुख्य कारक हैं।
- अतः सही उत्तर "(C) काव्य गुण" है।