Correct option is A
सही उत्तर अस्सी घाट
गोस्वामी तुलसीदास का निधन वाराणसी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर हुआ था। उनका देहावसान संवत 1680 (सन् 1623 ई.) में हुआ। यह घटना श्रावण शुक्ल सप्तमी को घटी थी। इस प्रसंग से संबंधित एक प्रसिद्ध दोहा प्रचलित है—
"संवत सोलह सौ असी, असी गंग के तीर।
श्रावण शुक्ला सप्तमी, तुलसी तज्यो शरीर।।"
यह दोहा स्पष्ट रूप से बताता है कि तुलसीदास जी ने अस्सी घाट पर अपना पार्थिव शरीर त्यागा था।
Information Booster:
· गोस्वामी तुलसीदास रामचरितमानस, विनय पत्रिका जैसे अमर ग्रंथों के रचयिता थे।
· उनका जीवन वाराणसी, चित्रकूट और अयोध्या से जुड़ा हुआ था।
· अस्सी घाट पर उन्होंने अंतिम समय व्यतीत किया और वहीं मृत्यु को प्राप्त हुए।
Additional Information
· दशाश्वमेध घाट: वाराणसी का अत्यंत प्रसिद्ध घाट है, जहाँ गंगा आरती होती है, लेकिन तुलसीदास जी का निधन यहाँ नहीं हुआ।
· राम घाट: तुलसीदास जी की भक्ति राम से जुड़ी थी, परंतु उनका निधन इस घाट पर नहीं हुआ।
· मणिकर्णिका घाट: यह प्रमुख शवदाह स्थल है, पर तुलसीदास जी का अंतिम समय यहाँ नहीं बीता।