Correct option is B
सही उत्तर: (B) मूल्यवान वस्तु को नष्ट करना और तुच्छ वस्तु की रक्षा करना
व्याख्या:
"अशर्फी की लूट और कोयले पर छाप" का अर्थ है मूल्यवान वस्तु को नष्ट कर देना और साधारण या तुच्छ वस्तु को बचाने का प्रयास करना। यह कहावत ऐसे व्यक्ति या स्थिति को दर्शाने के लिए प्रयोग होती है जिसमें प्राथमिकता और मूल्य का सही आकलन नहीं किया जाता।
विशेषताएँ:
- अशर्फी (मूल्यवान वस्तु): यह धन, संपत्ति, या किसी मूल्यवान चीज़ का प्रतीक है।
- कोयला (तुच्छ वस्तु): यह साधारण या महत्वहीन वस्तु का प्रतीक है।
- इस लोकोक्ति का उपयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति मूल्यवान चीज़ की उपेक्षा करता है और तुच्छ चीज़ की सुरक्षा में लगा रहता है।
विकल्प | अर्थ | सही या गलत | स्पष्टीकरण |
|---|---|---|---|
A | मूल्यवान वस्तु की रक्षा करना और तुच्छ वस्तु को नष्ट करना। | गलत | यह कहावत का विपरीत अर्थ है। |
B | मूल्यवान वस्तु को नष्ट करना और तुच्छ वस्तु की रक्षा करना। | सही | यह कहावत का सही अर्थ है। |
C | मूल्यवान वस्तु की चोरी करना और तुच्छ वस्तु को छोड़ देना। | गलत | यह अर्थ इस लोकोक्ति से मेल नहीं खाता। |
D | कोई भी नहीं। | गलत | सही उत्तर उपलब्ध है। |
महत्वपूर्ण बिंदु:
- लोकोक्ति का संदर्भ: यह तब प्रयोग होती है जब कोई व्यक्ति अपनी प्राथमिकताओं को सही से समझने में असफल हो।
- प्रयुक्त स्थान: सामाजिक और आर्थिक दृष्टांतों में इसका उपयोग किया जाता है।
निष्कर्ष:
"अशर्फी की लूट और कोयले पर छाप" का अर्थ है मूल्यवान वस्तु को नष्ट करना और तुच्छ वस्तु की रक्षा करना।
सही उत्तर: (B) मूल्यवान वस्तु को नष्ट करना और तुच्छ वस्तु की रक्षा करना।
"अशर्फी की लूट और कोयले पर छाप" का अर्थ है मूल्यवान वस्तु को नष्ट करना और तुच्छ वस्तु की रक्षा करना।
सही उत्तर: (B) मूल्यवान वस्तु को नष्ट करना और तुच्छ वस्तु की रक्षा करना।