Correct option is C
सही उत्तर: (C) सच्चे को डरने की आवश्यकता नहीं।
व्याख्या:
"साँच को आँच नहीं" यह लोकोक्ति इस तथ्य को व्यक्त करती है कि सत्य को कभी भी कोई हानि नहीं पहुँचती, चाहे परिस्थितियाँ जैसी भी हों।
इसका मतलब यह है कि जब कोई व्यक्ति या कार्य सत्य पर आधारित होता है, तो उसे किसी भी प्रकार के विरोध, आलोचना, या प्रतिकूलता से डरने की आवश्यकता नहीं होती।
सत्य हमेशा विजयी होता है और उसे किसी भी प्रकार की "आँच" (संकट या खतरे) का सामना नहीं करना पड़ता।
विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
व्याख्या |
सही/गलत |
| (A) |
"सच्चे व्यक्ति को हर कोई झुठला सकता है" – यह सही अर्थ नहीं है। सच्चाई को कभी झुठलाया नहीं जा सकता। |
गलत |
| (B) |
"सच्चे व्यक्ति से सभी व्यक्ति प्रसन्न होते हैं" – यह अर्थ सही नहीं है। यह लोकोक्ति सत्य की शक्ति को दर्शाती है। |
गलत |
| (C) |
"सच्चे को डरने की आवश्यकता नहीं" – यह सही अर्थ है। सत्य को कोई भी खतरा या आँच नहीं पहुँच सकती। |
सही |
| (D) |
"सच्चे व्यक्ति को डरने की आवश्यकता है" – यह गलत है, क्योंकि सत्य को डरने की कोई आवश्यकता नहीं होती। |
गलत |
कुछ महत्वपूर्ण लोकोक्ति, अर्थ और वाक्य प्रयोगः-
· ईश्वर की माया, कहीं धूप कहीं छाया संसार में कहीं समानता नहीं है
वाक्य प्रयोग- मुंबई में बाढ़ के हालात हैं और हमारे गाँव में सूखा पड़ा हुआ है. सच है- "ईश्वर की माया, कहीं धूप कहीं छाया"।
· घर का भेदी लंका ढाए- आपसी फूट के कारण भेद खोलना
वाक्य प्रयोग- राकेश ने अपने भाई की सारी नीतियां विपक्षी नेता को बता दीं और वह जीत गया। सही ही है- "घर का भेदी लंका ढाए।"
· ऊँची दुकान फीका पकवान- वास्तविकता से अधिक दिखावा करना
वाक्य प्रयोग- रमेश के विद्यालय में बहुत चमक-दमक है लेकिन छात्रों की पढ़ाई-लिखाई के लिए अध्यापकों की कमी है. यह तो वही बात हो गई- "ऊँची दुकान और फीका पकवान"।
· एक अनार सौ बीमार- किसी वस्तु की मांग अधिक होना और पूर्ति कम होना।
वाक्य प्रयोग- रंजन के घर में कमाने वाला तो एक और खाने वाले दस हैं। सभी अपने-अपने लिए कुछ न कुछ मांगते ही रहते हैं। यह तो "एक अनार और सौ बीमार" वाली बात हो गई।
· चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए -अत्यधिक कंजूस होना
वाक्य प्रयोग- रमेश जनवरी के महीने में भी वही पुराना सा एक कुर्ता पहन कर घूमता रहता है जबकि उसके पास धन की कोई कमी नहीं है। यह तो "चमड़ी जाए पर दमड़ी ना जाए" वाली बात हो गई।
निष्कर्ष:
"साँच को आँच नहीं" का सही अर्थ है कि "सच्चे को डरने की आवश्यकता नहीं"।
इसलिए सही उत्तर: (C) सच्चे को डरने की आवश्यकता नहीं।Top of Form
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