Correct option is A
सही उत्तर: (A) ईश्वर की माया, कहीं धूप कहीं छाया
व्याख्या: यह लोकोक्ति इस विचार को व्यक्त करती है कि संसार में हर किसी की स्थिति अलग-अलग होती है, और यह सब ईश्वर की माया का परिणाम है। कभी किसी का भाग्य अच्छा होता है तो कभी बुरा। इसका अर्थ है कि जीवन में अच्छे और बुरे दोनों अनुभव होते हैं, जैसे कि कहीं धूप होती है तो कहीं छाया होती है। यह परिस्थिति की अस्थिरता और विविधता को व्यक्त करता है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
वाक्य में उपयुक्तता |
अर्थ |
| (B) इब्तिदा-ए-इश्क़ है, रोता है क्या, आगे-आगे देखिए, होता है क्या |
असत्य |
यह मुहावरा प्रेम या दुख के प्रारंभिक चरण को दर्शाता है, जो यहाँ उपयुक्त नहीं है। |
| (C) इहां न लागहि राउरि माया |
असत्य |
यह मुहावरा भाग्य और माया की बात करता है, लेकिन वह दूसरे संदर्भ में उपयोग होता है। |
| (D) ईतर के घर तीतर, बाहर-बाँधूं कि भीतर |
असत्य |
यह मुहावरा परिवार या घर के मामलों में उलझन को व्यक्त करता है, जो इस संदर्भ में सही नहीं है। |