Correct option is B
बिहारी मिर्जा राजा जयसिंह के आश्रय में रहने वाले कवि है
बिहारी (1595 -1663 ई.)-
• बिहार रीतिसिद्ध काव्य धारा के प्रमुख कवि है
• बिहार के गुरु नरहरी दास थे इनके पिता केशवराय थे
• बिहारी राधा वल्लभ संप्रदाय में दीक्षित हुऐ थे
• बिहारी ने केवल एक काव्य ग्रंथ की रचना की जिसे सतसई या बिहारी सतसई कहा जाता है सतसई कवि हाल कृत 'गाथा सप्तशती' तथा गोवर्धन आचार्य कृत 'आर्यासप्तशती' की परंपरा की रचना जिसमें कुल 713 छंद है
• अमरूक कृत 'अमरुक शतक का प्रभाव बिहारी सतसई पर माना गया है
• यह मिर्जा राजा जयसिंह के दरबार में रहते थे
घनानंद(1689- 1739 ई.)-
• रीतिमुक्त काव्य धारा के प्रमुख कवि है इन्हें 'ब्रजभाषा का प्रवीण' कहा जाता है और 'प्रेम की यातना' का कवि कहा जाता है
• यह मोहम्मद शाह रंगीला के यहां मीर मुंशी थे
• यह 'सूजान' नामक नर्तकी से प्रेम करते थे
• यह वियोग श्रृंगार के प्रधान मुक्तक कवि है घनानंद के काव्य की मूल प्रेरक उनकी प्रेमिका सूजान है इनका प्रिय प्रतीक चातक है अपनी रचनाओं में कृष्ण के लिए सुजान शब्द का प्रयोग किया है
रचनाएँ -
• सुजान सागर, कृपा कांड, रसकेलीवल्ली, वीरह लीला, लोकसार, इश्क लता, सूजान हित प्रबंध, वियोग वेली, प्रीति पावस प्रेम पत्रिका, कृष्णा कौमुदी, यमुना यश, कोकसार आदि
आलम -
• आचार्य शुक्ल के अनुसार इनका कविता काल 1683 - 1703 ई. तक रहा है
• इनका प्रारंभिक नाम लालमणि था
• मुस्लिम महिला शेख नामक रंगरेजिन से विवाह के लिए उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम आलम रखा
• आचार्य शुक्ल के अनुसार यह औरंगजेब के दूसरे बेटे मुअज्जम के आश्रय में रहते थे
• आचार्य शुक्ल के अनुसार 'प्रेम की पीर यां इश्क का दर्द' उनके काव्य में पाया जाता है
प्रसिद्ध रचनाएं -
• आलम केली, माधवनल कामकंदला, श्याम- स्नेही, सुदामा चरित
• आलम केली का प्रकाशन 1922 ई.में लाला भगवानदीन ने करवाया यह प्रेम के संयोग- वियोग पक्ष की भावात्मक अभिव्यक्ति करने वाला मुक्तक काव्य है