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CTET/UPTET 2019 Exam – Practice Hindi Misc. Questions Now | 9th November 2019

CTET/UPTET 2019 Exam – Practice Hindi Misc. Questions Now | 9th November 2019_30.1

हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTETKVS ,NVSDSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERSADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।

Q1.वीर रस का स्थायी भाव क्या है?
(a) जुगुप्सा
(b) क्रोध
(c) शोक
(d) उत्साह

Q2. “देख सुदामा की दीन दसा करूणानिधि रोये”, इन पक्तियों में कौन सा रस है?
(a) श्रृंगार रस
(b) करुण रस
(c) वीर रस
(d) अद्भुत रस

Q3. अखियाँ हरि दरसन की भूखी। कैसे रहें रूप रस राँची ए बतियाँ सुनि रुखी।।,
इन पंक्तियों में कौन सा रस है-

(a) संयोग श्रृंगार रस
(b) वीर रस
(c) वियोग श्रृंगार रस
(d) शांत रस

Q4. ‘आँख का नीर ढल जाना’, मुहावरे का अर्थ है-
(a) मरते समय आँसू बहाना
(b) निर्लज्ज हो जाना
(c) निरुत्साहित होना
(d) निष्प्रभ होना

Q5. “अंधायुग” किसकी रचना है?
(a) नरेश मेहता
(b) मोहन राकेश
(c) दुष्यंत कुमार
(d) धर्मवीर भारती

Q6. “परीक्षागुरु” उपन्यास के लेखक कौन हैं?
(a) लाला श्रीनिवासदास
(b) प्रेमचंद
(c) जैनेंद्र
(d) नागार्जुन

Q7. ‘विद्यार्थी’ में कौन-सा समास है?
(a) तत्पुरुष
(b) कर्मधारय
(c) बहुव्रीहि
(d) द्विगु

Q8. निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौ मूल। बिन निज भाषा ज्ञान के मिटे न हिय कौ शूल।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन सा छंद है?

(a) सौरठा
(b) दोहा
(c) रोला
(d) हरिगीतिका

Q9. ‘अज’ शब्द के लिए नीचे दिए विकल्पों में से पर्यायवाची शब्द छाँटिए –
(a) प्रतिभा
(b) फूल
(c) वृक्ष
(d) ब्रह्मा

Q10. तद्भव शब्द का चयन कीजिए:
(a) शांति
(b) साँस
(c) गणना
(d) दन्त

Solutions

S1. Ans. (d):

S2. Ans. (b):

S3. Ans. (c):

S4. Ans. (b): ‘आँख का नीर ढल जाना’, मुहावरे का अर्थ है- निर्लज्ज हो जाना।

S5. Ans. (d): “अंधायुग” के रचनाकार धर्मवीर भारती हैं।

S6. Ans. (a): “परीक्षागुरु” उपन्यास के लेखक लाला श्रीनिवासदास हैं।

S7. Ans. (a): ‘विद्यार्थी’ में तत्पुरुष समास है। तत्पुरुष समास = वह समास है जिसमें बाद का अथवा उत्तर पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच का कारक-चिह्न लुप्त हो जाता है। जैसे -राजा का कुमार – राजकुमार, रचना को करने वाला – रचनाकार, गंगाजल – गंगा का जल।

S8. Ans. (b):

S9. Ans. (d): ‘अज’ का पर्यायवाची है – ब्रह्मा । ‘अज’ का अर्थ है – अनादिकाल से विद्यमान, ब्रह्मा।

S10. Ans. (b): ‘साँस’ तद्भव शब्द है। तद्भव शब्द = समय और परिस्थिति की वजह से तत्सम शब्दों में जो परिवर्तन हुए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते है।

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