Correct option is D
सही उत्तर: (d) उदार
'कृपण' एक संस्कृत मूल का शब्द है जिसका सामान्य अर्थ है – कंजूस, मितव्ययी, अत्यधिक संकोची या दान-पुण्य से विमुख व्यक्ति। कृपण व्यक्ति वह होता है जो अपने संसाधनों, विशेष रूप से धन, को दूसरों पर खर्च करने में हिचकता है या टालता है।
अब जब हम विलोम शब्द की तलाश करते हैं, तो हमें ऐसा शब्द चाहिए जो कृपण के स्वभाव के बिल्कुल विपरीत हो।
‘उदार’ एक ऐसा व्यक्ति होता है जो मन और व्यवहार दोनों से विशाल होता है, जो खुले दिल से दूसरों की मदद करता है, दान करता है, और मालिकाना भाव नहीं रखता।
Additional Knowledge:
· शुक्ल – यह शब्द ‘सफेद’, ‘पवित्र’, या ‘शुभ’ का बोध कराता है। इसका संबंध रंग या तिथियों से हो सकता है, जैसे शुक्ल पक्ष। लेकिन इसका कृपण से कोई व्याकरणिक या अर्थगत विरोध नहीं बनता। अतः यह विकल्प असंगत है।
· कड़ा – यह शब्द कठोरता या सख्ती के अर्थ में आता है। जैसे – कड़ा व्यवहार, कड़ा अनुशासन आदि। यह भावनात्मक या शारीरिक कठोरता को दर्शाता है, परंतु कृपणता से इसका कोई प्रत्यक्ष विरोध नहीं है।
· पुष्ठ – इसका अर्थ है 'मोटा, तंदुरुस्त, पुष्ट शरीर वाला व्यक्ति'। यह शारीरिक बल और स्वास्थ्य से संबंधित है, न कि व्यवहार या मानसिकता से। इसलिए यह भी उपयुक्त नहीं है।
· उदार – यह शब्द व्यवहार, सोच और स्वभाव से जुड़ा है। उदार व्यक्ति वही होता है जो कृपण के विपरीत गुणों से युक्त होता है। उदारता में दानशीलता, सहानुभूति, संवेदनशीलता और खुले मन से सहायता करना शामिल होता है। यही कृपण का सही विलोम है।
निष्कर्ष:
'कृपण' का अर्थ है – कंजूस या अत्यधिक मितव्ययी व्यक्ति। इसका उपयुक्त विलोम शब्द होगा – ‘उदार’, जो दानी, सहानुभूतिशील और खुले मन से व्यवहार करने वाला होता है।
इसलिए सही उत्तर है – (d) उदार।