Correct option is D
| विकल्प | विश्लेषण |
| (A) | साहसी मनुष्य ही सेना में भर्ती होते हैं: इस वाक्य के सभी शब्द (साहसी, मनुष्य, सेना, भर्ती) वर्तनी की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध हैं। क्रिया 'होते हैं' भी कर्ता के अनुसार सही है। |
| (B) | किशोर तो गुरूकुल में पढ़ता है: यहाँ 'गुरूकुल' शब्द अशुद्ध है। हिन्दी व्याकरण के अनुसार 'गुरु' में 'र' के साथ छोटे 'ु' की मात्रा (रु) आती है, न कि बड़े 'ू' की (रू)। शुद्ध रूप 'गुरुकुल' होगा। |
| (C) | अपनी प्रतिभा से ही तुम आगे जा सकते हो: यह वाक्य पूर्णतः शुद्ध है। 'प्रतिभा' और 'आगे' जैसे शब्दों की वर्तनी और वाक्य संरचना में कोई त्रुटि नहीं है। |
| (D) | हमारे लिए सव्रप्रथम हमारे माता-पिता आते है: यह वाक्य अशुद्ध है। 'सव्रप्रथम' कोई सार्थक शब्द नहीं है, सही शब्द 'सर्वप्रथम' है। इसके अतिरिक्त, बहुवचन के लिए 'है' के स्थान पर 'हैं' का प्रयोग अनिवार्य है। |
रेफ (र्) का नियम: जब 'र' स्वर रहित होता है, तो वह अपने से अगले वर्ण के ऊपर (ं) के रूप में बैठता है। जैसे: स + र् + व = सर्व; अ + र् + च + ना = अर्चना।
रु और रू का अंतर:
रु (छोटा उ): र + ु = रु (बिना कुंडी/लूप के)। उदाहरण: गुरु, रुपया, रुचि।
रू (बड़ा ऊ): र + ू = रू (कुंडी या टेल के साथ)। उदाहरण: रुप, अमरूद, डमरू।
बहुवचन 'हैं': आदर देने या बहुवचन का बोध कराने के लिए 'है' पर अनुस्वार (ं) लगाना आवश्यक है।