Correct option is B
सही उत्तर: B. कृपण - दाता
मुख्य बिंदु:
- सही विलोम-युग्म कृपण - दाता है।
- कृपण का अर्थ "कंजूस" और दाता का अर्थ "देने वाला" होता है।
- अन्य दिए गए विलोम गलत हैं क्योंकि उनका सही विलोम और अर्थ यहाँ स्पष्ट किया गया है।
विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प | शब्द-युग्म | अर्थ | सही विलोम | गलती का कारण |
|---|---|---|---|---|
| A | साँझ - दोपहर | साँझ का अर्थ "शाम" है। | सही विलोम: भोर | "दोपहर" विलोम नहीं है। |
| B | कृपण - दाता | कृपण का अर्थ "कंजूस" है। | सही विलोम: दाता | यह सही उत्तर है। |
| C | शुष्क - क्षुद्र | शुष्क का अर्थ "सूखा" होता है। | सही विलोम: आर्द्र | "क्षुद्र" का अर्थ "छोटा" है, जो गलत है। |
| D | प्रसन्न - प्रफुल्ल | प्रसन्न का अर्थ "खुश" है। | सही विलोम: खेद | "प्रफुल्ल" भी खुशी का ही संकेत देता है। |
विस्तृत विवरण:
साँझ - दोपहर:
- साँझ का सही विलोम भोर है, न कि दोपहर।
- उदाहरण: सुबह और साँझ के बीच दिन का समय आता है।
कृपण - दाता:
- कृपण का अर्थ "कंजूस" होता है, और इसका सही विलोम "दाता" है, जो "नेने वाला" या "उदार" को दर्शाता है।
- उदाहरण: कृपण व्यक्ति धन जमा करता है, जबकि दाता उसे दान करता है।
शुष्क - क्षुद्र:
- शुष्क का अर्थ "सूखा" होता है। इसका सही विलोम आर्द्र (गीला) है।
- क्षुद्र का अर्थ "छोटा" या "तुच्छ" होता है, जो शुष्क का विलोम नहीं है।
प्रसन्न - प्रफुल्ल:
- प्रसन्न और प्रफुल्ल दोनों का अर्थ "खुश" होता है। इसका सही विलोम खेद या म्लान होगा।
- उदाहरण: प्रसन्न मन से किया गया कार्य हमेशा सफल होता है।
निष्कर्ष:
सही उत्तर B. कृपण - दाता है। अन्य विकल्प विलोम के मानकों पर खरे नहीं उतरते।