Correct option is D
परिचय: यह प्रश्न हाथीगुम्फा अभिलेख के दो महत्त्वपूर्ण पहलुओं—उसकी भाषा और उसमें वर्णित विषयवस्तु—के बारे में सही जानकारी की पुष्टि करता है।
व्याख्या:
सही विकल्प
(d) I असत्यम् परन्तु II सत्यम् है। अर्थात्, कथन I असत्य है और कथन II सत्य है।
कथन I : हाथीगुम्फाभिलेखस्य भाषा संस्कृतमस्ति । (असत्य) ·
यथार्थता: हाथीगुम्फा अभिलेख की भाषा
संस्कृत नहीं है।
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सही भाषा: यह अभिलेख
प्राकृत भाषा में लिखा गया है। यह
प्राकृत भाषा का जैन धर्म से संबंधित एक रूप है।
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लिपि: इसकी लिपि
ब्राह्मी है।
कथन II : हाथीगुम्फाभिलेखे कलिङ्गनरेशस्य जीवनवृत्तम् उल्लिखितम् । (सत्य) ·
यथार्थता: हाथीगुम्फा अभिलेख में
कलिंग नरेश का जीवनवृत्त उल्लिखित है।
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सही विवरण: यह अभिलेख
कलिंग के शक्तिशाली राजा
खारवेल के
13 वर्षों के शासनकाल की विस्तृत उपलब्धियों और घटनाओं का वर्णन करता है। यह कलिंग राजा खारवेल के जीवन, युद्धों, धार्मिक कार्यों और जनहित के कार्यों का महत्त्वपूर्ण
ऐतिहासिक स्रोत है।
रोचक तथ्य:
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अभिलेख का स्थान: यह अभिलेख
उदयगिरि पहाड़ी, भुवनेश्वर, ओडिशा में स्थित है।
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समय: इसका समय लगभग
ईसा पूर्व प्रथम शताब्दी माना जाता है।
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दार्शनिक महत्त्व: राजा खारवेल जैन धर्म के अनुयायी थे, और अभिलेख जैन धर्म के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाता है।
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प्रथम पूर्ण आत्मकथा: कुछ विद्वान इसे
किसी भारतीय राजा की उपलब्धियों की पहली पूर्ण आत्मकथा मानते हैं।