Correct option is D
सही उत्तर: विकल्प (D)
व्याख्या:
दिए गए वाक्यों में विकल्प (D) "निरअपराध को दंड नहीं मिलना चाहिए" व्याकरणिक दृष्टि से शुद्ध है। हिन्दी व्याकरण के अनुसार 'निरपराधी' शब्द अशुद्ध माना जाता है, उसके स्थान पर 'निरपराध' शब्द का प्रयोग ही उचित है। अन्य विकल्पों में लिंग, वचन और शब्द-चयन संबंधी अशुद्धियाँ हैं।
सभी विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प | विश्लेषण |
| (A) | अशुद्ध: "सीता ने झूठ कही थी।" कारण: यहाँ 'झूठ' पुल्लिंग शब्द है, इसलिए क्रिया भी पुल्लिंग होनी चाहिए। शुद्ध रूप: "सीता ने झूठ कहा था।" |
| (B) | अशुद्ध: "बहुसंख्यक मनुष्य यहां आए थे?" कारण: 'बहुसंख्यक' शब्द का प्रयोग जनसंख्या या किसी समूह की बहुलता दिखाने के लिए किया जाता है। यहाँ 'अनेक' या 'बहुत से' शब्द का प्रयोग उचित होगा। साथ ही, वाक्य की संरचना प्रश्नवाचक नहीं है। शुद्ध रूप: "अनेक मनुष्य यहाँ आए थे।" |
| (C) | अशुद्ध: "भाई बहन जा रही हैं।" कारण: जब भिन्न लिंग के कर्ता 'और' से जुड़े हों या युग्म में हों, तो क्रिया पुल्लिंग बहुवचन में होती है। शुद्ध रूप: "भाई-बहन जा रहे हैं।" |
| (D) | शुद्ध: "निरअपराध को दंड नहीं मिलना चाहिए।" कारण: यह वाक्य पूर्णतः शुद्ध है। विशेषण के रूप में 'निरपराध' का प्रयोग सही है। |
अतिरिक्त जानकारी:
लिंग संबंधी नियम: यदि वाक्य में 'ने' विभक्ति का प्रयोग कर्ता के साथ होता है, तो क्रिया कर्ता के अनुसार न होकर कर्म के लिंग और वचन के अनुसार होती है। जैसे- "सीता ने आम (पु.) खाया" और "राम ने रोटी (स्त्री.) खाई"। अतः "सीता ने झूठ (पु.) कहा" सही है।
विशेषण की अशुद्धि: 'निरपराध' एक विशेषण है। अक्सर छात्र 'निरपराधी' शब्द का प्रयोग करते हैं, जो कि 'पक्षी' या 'स्वामी' की तर्ज पर गलत बना लिया गया है। व्याकरण में 'निरपराध' ही मानक शब्द है।