Correct option is C
सही उत्तर: (C) भाई की निःस्वार्थ सेवा
व्याख्या: "लक्ष्मण की भ्रातृ-भक्ति" मुहावरा रामायण के पात्र लक्ष्मण के अपने बड़े भाई भगवान राम के प्रति निःस्वार्थ प्रेम, समर्पण और सेवा को दर्शाता है। इस मुहावरे का अर्थ है बिना किसी स्वार्थ के भाई की सेवा करना और उसके प्रति पूर्ण भक्ति और समर्पण दिखाना।
विकल्पों का विश्लेषण:
· (A) अत्यंत प्रिय होना: गलत है, क्योंकि यह "भ्रातृ-भक्ति" का सही अर्थ नहीं व्यक्त करता।
· (B) भाई की खुशामद करना: गलत है, क्योंकि यह निःस्वार्थ सेवा और भक्ति का भाव व्यक्त नहीं करता।
· (C) भाई की निःस्वार्थ सेवा: सही उत्तर है, क्योंकि यह लक्ष्मण की भ्रातृ-भक्ति का सही अर्थ है।
· (D) अच्छा होने का दिखावा करना: गलत है, क्योंकि यह "भ्रातृ-भक्ति" के अर्थ से विपरीत है।
वाक्य में प्रयोग:
1. रामायण में लक्ष्मण ने राम की भ्रातृ-भक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
2. उनके परिवार में बड़े भाई के प्रति छोटे भाई की लक्ष्मण की भ्रातृ-भक्ति जैसी निःस्वार्थ सेवा है।