Correct option is C
सही उत्तर: विकल्प (C)
व्याख्या: जिस वाक्य में 'कर्म' (Object) की प्रधानता होती है और क्रिया का लिंग-वचन कर्म के अनुसार बदलता है, उसे 'कर्मवाच्य' कहते हैं। 'पुस्तक पढ़ी जाती है' में 'पुस्तक' (स्त्रीलिंग) कर्म है और क्रिया 'पढ़ी जाती है' उसी के अनुसार है। कर्ता यहाँ अज्ञात या लोप है।
सभी विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | विश्लेषण |
(A) | भाववाच्य - इसमें अकर्मक क्रिया होती है, जबकि 'पढ़ना' सकर्मक है। |
(B) | विधेय - यह वाक्य का एक अंग (Predicate) है, वाच्य का भेद नहीं। |
(C) | कर्मवाच्य - 'पुस्तक' कर्म है और क्रिया उसी के अनुसार है। अतः यह सही उत्तर है। |
(D) | कर्तृवाच्य - इसमें कर्ता प्रधान होता है (जैसे- राम पुस्तक पढ़ता है)। |
अतिरिक्त जानकारी: कर्मवाच्य में क्रिया हमेशा सकर्मक होती है। वाक्य में कर्ता न होने पर भी यदि कर्म प्रधान हो, तो वह कर्मवाच्य ही रहता है (जैसे- 'चाय पी गई', 'पत्र लिखा गया')।