Correct option is A
सही उत्तर: (A) अकर्मक
व्याख्या:
- अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें कर्ता (व्यक्ति) स्वयं कार्य करता है और उसका परिणाम भी उसी पर पड़ता है।
- इस प्रकार की क्रिया में किसी कर्म (वस्तु) की आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण:
- राम सो गया।
- "सो गया" एक अकर्मक क्रिया है, क्योंकि राम (कर्त्ता) स्वयं सोने का कार्य कर रहा है और इसका प्रभाव भी उसी पर पड़ रहा है।
- नीलम हँस रही है।
- "हँस रही है" में भी कर्ता (नीलम) स्वयं हँसने का कार्य कर रही है और उसका फल भी उसी पर पड़ रहा है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | परिभाषा | उदाहरण | संबंध |
|---|---|---|---|
(A) अकर्मक | कर्ता स्वयं कार्य करता है और उसका परिणाम भी उसी पर पड़ता है। | राम सो गया।, पक्षी उड़ गए। | सही उत्तर। |
(B) सकर्मक | व्यापार का फल किसी कर्म (वस्तु) पर पड़ता है। | सीमा ने खाना खाया। | गलत। |
(C) व्युत्पन्न | जो क्रिया मूल क्रिया से उत्पन्न होती है। | काट-काटना।, बाँध-बाँधना। | गलत। |
(D) सम्मिश्र | संज्ञा, विशेषण या क्रिया विशेषण के साथ जब धातु का मेल हो तो वह सम्मिश्र क्रिया कहलाती है। | स्मरण करना।, सहायता देना। | गलत। |
निष्कर्ष:
जिस क्रिया से सूचित होने वाला व्यापार कर्ता स्वयं करे और उसका फल भी कर्ता पर ही पड़े, वह अकर्मक क्रिया होती है।
इसलिए, सही उत्तर है: (A) अकर्मक।
इसलिए, सही उत्तर है: (A) अकर्मक।