Correct option is B
व्याख्या
प्रस्तुत प्रश्न में मनुस्मृति के श्लोक के चरणों को क्रम से लगाना है। सम्पूर्ण श्लोक इस प्रकार से है -
वसून् वदन्ति तु पितॄन् रुद्रांश्चैव पितामहान् ।
प्रपितामहांस्तथाऽदित्यान् श्रुतिरेषा सनातनी ॥ 3.284 ॥
भावार्थ- वसुओं को पितृ (पितरों) के रूप में वर्णित किया गया है,रुद्राओं को पितामह (पिता के पिता) के रूप में वर्णित किया गया है, प्रपितामहों (पिता के पिता के पिता) को अदित्य (अदिति के पुत्रों) के रूप में वर्णित किया गया है, यह एक सनातनी (प्राचीन और शाश्वत) श्रुति (वेदों का ज्ञान) है।