Correct option is B
प्रस्तुत प्रश्न निरुक्त के सप्तम अध्याय (दैवत काण्ड) के तृतीय पाद से है। इसमें दिए गए विकल्पों से इन्द्र भक्ति साहचर्य से सम्बंधित विकल्पों का चयन करना है, जोकि निम्नलिखित है-
इन्द्र भक्तीनि - अन्तरिक्षलोकः। माध्यन्दिन सवनं। ग्रीष्मः (हेमंत) त्रिष्टुप् (पंक्ति) पंचदशस्तोमः। (त्रिणव) बृहत्साम (शाक्वर)। अस्य कर्म- रसानुप्रदानं वृत्रवधः। या च का च बलकृतिः इन्द्रकर्मैव तत्। अस्य संस्तविका देवाः - अग्निः, सोमः, वरुणः, वायुः, मित्र, वरुण। (शिशिर, अतिच्छन्द, त्रयस्त्रिन्शदस्तोम, रैवत, साम)
अतिरिक्त विषय
प्रातः सवनम्- यह अग्नि भक्ति साहचर्य से सम्बंधित है ।