Correct option is C
परिचय
सांख्य दर्शन भारतीय दर्शनों में से एक है जो प्रकृति और पुरुष के द्वैतवाद पर आधारित है, और इसमें सृष्टि प्रक्रिया तथा ज्ञान प्राप्ति के साधनों का विस्तृत वर्णन है, जिसमें प्रत्ययसर्ग भी एक महत्वपूर्ण भाग है।
व्याख्या
सांख्यकारिका के अनुसार, प्रत्ययसर्ग (बौद्धिक सृष्टि) के मुख्य चार अवांतर भेद हैं - विपर्यय (भ्रांति), अशक्ति (अक्षमता), तुष्टि (संतोष) और सिद्धि (उपलब्धि)।
प्रश्न में पूछा गया है कि प्रत्ययसर्ग के अवांतर भेदों को चुनें। दिए गए विकल्पों में, 'विपर्ययः, अशक्तिः' (विकल्प B) और 'तुष्टिः, सिद्धिः' (विकल्प C) दोनों ही प्रत्ययसर्ग के अवांतर भेद हैं।
इसलिए, सही विकल्प वह होगा जो B और C दोनों को समाहित करता हो। दिए गए अधस्तन विकल्पों में, विकल्प 3 'B, C केवलम्' सही उत्तर है।
रोचक तथ्य
विपर्यय (भ्रांति): यह अज्ञानता या मिथ्या ज्ञान को संदर्भित करता है, जो अष्टविंशतिभेद (28 प्रकार) का होता है।
अशक्ति (अक्षमता): यह इंद्रियों और बुद्धि की कार्य करने में असमर्थता को दर्शाता है, जो एकादश इंद्रियों की विकलता (11 प्रकार) और बुद्धि के 17 प्रकार की अक्षमताओं के कारण होती है।
तुष्टि (संतोष): यह वैराग्य या संतोष को दर्शाता है, जो नौ प्रकार का होता है।
सिद्धि (उपलब्धि): यह ज्ञान प्राप्ति के आठ साधनों को संदर्भित करता है।