Correct option is C
राग भैरव हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में भैरव थाट का एक प्रमुख राग है। इस राग का समय प्रातःकाल [सुबह 4 से 7 बजे] है। इसके वादी और संवादी स्वर
धैवत [ध], ऋषभ [रे] हैं। राग भैरव में सभी स्वर शुद्ध होते हैं, लेकिन ऋषभ [रे] और धैवत [ध] कोमल शैली में गाए जाते हैं। यह राग गंभीर और गहन भाव उत्पन्न करता है और "करुण" और "गंभीर" रस को प्रकट करता है।
प्राचीन ग्रंथों में राग भैरव को अत्यंत पवित्र और शांतिपूर्ण राग माना गया है। यह राग मध्य और मंद्र सप्तक में अधिक प्रभावशाली होता है।