Correct option is B
धमार ताल में 14 मात्रा होती हैं, जो
5-2-3-4 क्रम में असममित रूप से समूहीकृत होती हैं। इसमें 4 विभाग हैं 1, 6 और 11वि मात्रा पर ताली लगती है और इस ताल को एकगुन, दुगुन, तिगुन और चौगुन में तबले व अन्य वाद्यों पर बजायी जाती है। धमार ताल ध्रुपद गायन में प्रयोग होती है। 14 मात्रा में से पहली मात्रा को सम कहा जाता है और 8 वीं मात्रा को खाली कहा जाता है। धमार ताल को गिनने के लिए दर्शक या छात्र पहली मात्रा पर ताली बजाते हैं, 6वी मात्रा पर ताली बजाते हैं, फिर 8वी मात्रा पर दायें हाथ से हाथ को हिला कर खाली रकते हैं और अंत में फिर से 11वी ताल पर ताली बजाते हैं।