Correct option is D
विषय-वस्तु में प्रवाहता कक्षा V के शिक्षार्थियों के लिए मुक्त लेखन कार्य में सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इस स्तर पर, यह जरूरी है कि बच्चे अपने विचारों को एक तार्किक और सहज ढंग से व्यक्त कर सकें। प्रवाहता का अर्थ है कि बच्चे अपने विचारों को एक दूसरे से जोड़ते हुए लिखें, ताकि पाठक को विषय को समझने में कठिनाई न हो। विचारों के बीच स्पष्ट और प्राकृतिक संबंध लेखन को अधिक आकर्षक और समझने योग्य बनाता है।
हालांकि, लेखन में सटीकता भी महत्वपूर्ण है, लेकिन प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना होता है। जब बच्चे अपने विचारों को प्रवाह में व्यक्त कर सकते हैं, तो वे अधिक आत्मविश्वास से लेखन कर सकते हैं। इस प्रवाह में बच्चों को उनके विचारों के क्रम, वाक्य विन्यास, और लेखन की संरचना पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस स्तर पर सटीकता पर बहुत अधिक जोर देने से उनके रचनात्मक लेखन की क्षमता सीमित हो सकती है।
Information Booster:
- विषय-वस्तु में प्रवाह लेखन में विचारों और जानकारी का तार्किक क्रम बनाए रखने पर जोर देता है।
- प्रवाहता बच्चों की विचार अभिव्यक्ति को स्पष्ट और स्वाभाविक बनाती है, जिससे लेखन पढ़ने में आसान हो जाता है।
- प्रारंभिक लेखन में प्रवाहता बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देती है, जबकि सटीकता को बाद के चरणों में अधिक महत्व दिया जाता है।
- प्रवाहता सुनिश्चित करती है कि विचारों का क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुतिकरण हो, जिससे पाठक को सामग्री आसानी से समझ में आ सके।
- लेखन कौशल में सुधार के लिए प्रवाहता और विचारों की निरंतरता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
Additional Knowledge:
- प्रवाह और सटीकता दोनों पर ही ध्यान देना चाहिए: दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्राथमिक स्तर पर प्रवाहता अधिक प्राथमिकता होनी चाहिए। बच्चों को पहले अपने विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए, बाद में सटीकता पर ध्यान दिया जा सकता है।
- शिक्षार्थियों की लिखावट: लिखावट लेखन के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन यह प्राथमिक चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। लेखन की गुणवत्ता में प्रवाहता अधिक आवश्यक है।
- विषय-वस्तु की सटीकता: सटीकता महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों की उम्र और उनके लेखन कौशल के विकास के अनुसार, इस पर ज्यादा जोर देना उनकी रचनात्मकता को बाधित कर सकता है।