Correct option is D
सही उत्तर: (D) ईय
व्याख्या:
"अनुकरणीय" शब्द में "ईय" प्रत्यय लगा है।
"अनुकरणीय" शब्द में "ईय" प्रत्यय लगा है।
"ईय" प्रत्यय का अर्थ होता है "जिसे किया जा सके" या "जो किया जा सके"।
"अनुकरणीय" का अर्थ होता है "जिसका अनुकरण किया जा सके" (यानि जो अनुकरण करने योग्य हो)।
सूचना बूस्टर :
'अनुकरणीय' शब्द में उचित प्रत्यय ईय' है।
• 'अनुकरण ईय अनुकरणीय'।
• अनुकरणीय शब्द गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण है।
गुणवाचक तद्धित प्रत्यय-
• गुण का बोध कराने वाले प्रत्यय गुणवाचक तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं।
• संज्ञा के अन्त में आ, इत, ई, ईय, ईला, वान इन प्रत्ययों को लगाकर गुणवाचक संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।
जैसे-ठंडा, क्रोधित, भारी, रमणीय, अनुकरणीय आदि।
सूचना बूस्टर :
'अनुकरणीय' शब्द में उचित प्रत्यय ईय' है।
• 'अनुकरण ईय अनुकरणीय'।
• अनुकरणीय शब्द गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण है।
गुणवाचक तद्धित प्रत्यय-
• गुण का बोध कराने वाले प्रत्यय गुणवाचक तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं।
• संज्ञा के अन्त में आ, इत, ई, ईय, ईला, वान इन प्रत्ययों को लगाकर गुणवाचक संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।
जैसे-ठंडा, क्रोधित, भारी, रमणीय, अनुकरणीय आदि।
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | विश्लेषण | सही / गलत |
|---|---|---|
(A) नीय | यह गलत है, क्योंकि "नीय" प्रत्यय का कोई अर्थ नहीं है। | गलत |
(B) गीय | यह गलत है, "गीय" प्रत्यय का उपयोग सामान्यतः नहीं होता। | गलत |
(C) अनु | "अनु" एक उपसर्ग है, न कि प्रत्यय। | गलत |
(D) ईय | यह सही है, "ईय" प्रत्यय का प्रयोग "अनुकरणीय" शब्द में हुआ है। | सही |
अतिरिक्त जानकारी :
शब्द | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
उपसर्ग | उपसर्ग उस अक्षर या अक्षर समूह को कहते हैं जो किसी शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन लाता है। | प्र + हार = प्रहार |
प्रत्यय | प्रत्यय वे शब्द हैं जो दूसरे शब्दों के अन्त में जुड़कर, अपनी प्रकृति के अनुसार, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं। | श्री + ता = श्रोता |
निष्कर्ष:
"अनुकरणीय" शब्द में "ईय" प्रत्यय लगा है।
इसलिए, सही उत्तर: (D) ईय।
इसलिए, सही उत्तर: (D) ईय।