Correct option is D
इसमें "से" विभक्ति का प्रयोग होता है।
"छत से उतरी हुई लता..." — यहाँ 'छत से' का तात्पर्य लता का छत से अलग होना है, इसलिए यह अपादान कारक है।
विकल्प | वाक्य | कारक | विश्लेषण | सही/गलत |
|---|---|---|---|---|
A | माँ ने बच्चों को बुलाया। | कर्ता और कर्म कारक | "माँ" कर्ता, "बच्चों को" कर्म | गलत |
B | वह कुल्हाड़ी से वृक्ष काटता है। | करण कारक | "कुल्हाड़ी से" उपकरण है | गलत |
C | शिकारी ने खरगोश को मारा। | कर्ता और कर्म | "खरगोश को" कर्म है | गलत |
D | छत से उतरी हुई लता मुरझा गई है। | अपादान कारक | "छत से" दूरी या अलगाव का बोध कराता है | सही |
कारक | संकेत/चिन्ह | परिभाषा | उदाहरण |
कर्ता कारक | 'ने' | संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया करने वाले का बोध हो, उसे कर्ता कारक कहते हैं। | रमेश ने पुस्तक पढ़ी।, मोहन ने पत्र लिखा। |
कर्म कारक | 'को' | संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप पर क्रिया का प्रभाव या फल पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं। | उसने सुनील को पढ़ाया।, मोहन ने चोर को पकड़ा। |
करण कारक | 'से', 'द्वारा' | जिस साधन से अथवा जिसके द्वारा क्रिया पूरी की जाती है, उसे करण कारक कहते हैं। | रहीम गेंद से खेलता है।, आदमी चोर को लाठी द्वारा मारता है। |
सम्प्रदान कारक | 'को' (के लिए) | जिस व्यक्ति के लिए क्रिया की जाती है, उसे सम्प्रदान कारक कहते हैं। | सुनील रवि के लिए गेंद लाता है।, माँ बच्चे को खिलौना देती है। |
अपादान कारक | 'से' | जिस संज्ञा या सर्वनाम से किसी वस्तु का अलग होना या उस पर से किसी चीज का हटना मालूम होता है। | गंगा हिमालय से निकलती है।, वृक्ष से पत्ता गिरता है। |
सम्बन्ध कारक | 'का', 'की', 'के' | संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से एक वस्तु का सम्बन्ध दूसरी वस्तु से जाना जाता है। | राहुल की किताब मेज पर है।, सुनीता का घर दूर है। |
अधिकरण कारक | 'में', 'पर' | संज्ञा के जिस रूप से क्रिया के आधार का बोध होता है, उसे अधिकरण कारक कहते हैं। | घर पर माँ है।, सड़क पर गाड़ी खड़ी है। |
सम्बोधन कारक | कोई चिन्ह नहीं | संज्ञा या जिस रूप से किसी को पुकारने तथा सावधान करने का बोध होता है, उसे सम्बोधन कारक कहते हैं। | रमा! देखो कैसा सुन्दर दृश्य है।, खबरदार! |