Correct option is D
सही उत्तर: D अनुप्रास अलंकार
व्याख्या:"सेस महेस गनेस दिनेस सुरेसहु जाहि निरंतर गावै" पंक्ति में "स" ध्वनि की पुनरावृत्ति की जा रही है। जब किसी पंक्ति में एक ही ध्वनि या वर्ण का बार-बार प्रयोग किया जाता है, तो उसे अनुप्रास अलंकार कहते हैं। इस पंक्ति में "स" ध्वनि की पुनरावृत्ति स्पष्ट रूप से अनुप्रास अलंकार का उदाहरण है।
पंक्ति का विश्लेषण:
- सेस - "स" ध्वनि
- महेस - "स" ध्वनि
- गनेस - "स" ध्वनि
- दिनेस - "स" ध्वनि
- सुरेसहु - "स" ध्वनि
- जाहि निरंतर गावै - यहाँ "स" ध्वनि की पुनरावृत्ति जारी रहती है।
अनुप्रास अलंकार की विशेषताएँ:
- एक ही ध्वनि या वर्ण की पुनरावृत्ति होती है।
- काव्य में लय और माधुर्य (मीठास) उत्पन्न करता है।
- ध्वनि-सौंदर्य में वृद्धि होती है और काव्य में प्रवाह और संतुलन रहता है।
अन्य अलंकारों से तुलना:
- अतिशयोक्ति अलंकार: जब किसी बात को अतिशयोक्तिपूर्ण तरीके से कहा जाता है, जैसे "वह इतना तेज दौड़ा कि हवा भी पीछे रह गई।"
- रूपक अलंकार: उपमेय को उपमान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जैसे "मुख चंद्रमा है।"
- उपमा अलंकार: उपमेय और उपमान के बीच स्पष्ट तुलना होती है, जैसे "वह चंद्रमा के समान सुंदर है।"
निष्कर्ष:"सेस महेस गनेस दिनेस सुरेसहु जाहि निरंतर गावै" में "स" ध्वनि की पुनरावृत्ति की गई है, इसलिए यह अनुप्रास अलंकार है।
सही उत्तर है: D अनुप्रास अलंकार
नीचे अलंकार के प्रकारों की सारणी दी जा रही है:
अलंकार के भेद | प्रकार |
|---|---|
शब्दा अलंकार | अनुप्रास |
यमक | |
श्लेष | |
पुनरुक्ति | |
विप्सा | |
वक्रोक्ति | |
अर्था अलंकार | उपमा |
रूपक | |
उपेक्षा | |
मानवीकरण | |
विरोधाभास | |
संदिग्ध | |
अतिशयोक्ति | |
28 और प्रकार है। | |
उभया अलंकार | संसृस्टि |
संकर |
यह सारणी अलंकार के विभिन्न प्रकारों और उनके उपप्रकारों को स्पष्ट करती है।