Correct option is D
सही उत्तर: विकल्प (D) है।
व्याख्या:
करुण रस को यमराज की उपाधि भवभूति ने दी थी। भवभूति, एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटककार थे, जिन्होंने अपने नाटक "उत्तररामचरित" में करुण रस को प्रमुखता से चित्रित किया और इसके कारण करुण रस को "यमराज" की उपाधि दी।
करुण रस को यमराज की उपाधि भवभूति ने दी थी। भवभूति, एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटककार थे, जिन्होंने अपने नाटक "उत्तररामचरित" में करुण रस को प्रमुखता से चित्रित किया और इसके कारण करुण रस को "यमराज" की उपाधि दी।
सभी विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प | उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|
| A | भरतमुनि ने | गलत, भरतमुनि ने करुण रस को यमराज की उपाधि नहीं दी। |
| B | दण्डी ने | गलत, दण्डी ने करुण रस पर कोई उपाधि नहीं दी। |
| C | पंडितराज ने | गलत, पंडितराज ने करुण रस की उपाधि नहीं दी। |
| D | भवभूति ने | सही, भवभूति ने करुण रस को यमराज की उपाधि दी। |
अतिरिक्त जानकारी:
भवभूति ने "उत्तररामचरित" में करुण रस को अत्यंत सुंदरता से प्रस्तुत किया और इसे यमराज की उपाधि दी।