Correct option is A
Correct Option: (a) संस्कृति के चार अध्याय
INTRODUCTION
'संस्कृति के चार अध्याय' राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक-सांस्कृतिक ग्रंथ है, जो 1956 ई. में प्रकाशित हुआ था। इस पुस्तक में भारत के सामासिक इतिहास और सांस्कृतिक समन्वय का विस्तृत तथा वस्तुनिष्ठ विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
INFORMATION BOOSTER
यह पंक्तियां पुस्तक के चतुर्थ अध्याय ('भारतीय संस्कृति और नवजागरण') के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद और आधुनिक भारतीय चेतना के प्रसंग से ली गई हैं। दिनकर जी लिखते हैं कि विवेकानंद तत्कालीन नवयुवकों में पाश्चात्य अनुकरण की प्रवृत्ति और अपनी जड़ों से कटने की मानसिकता से अत्यंत दुखी और असंतुष्ट थे।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
'संस्कृति के चार अध्याय' की भूमिका पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लिखी थी। इस कृति के लिए दिनकर जी को 1959 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था। पुस्तक में भारतीय संस्कृति के विकास को चार मुख्य क्रांतियों के माध्यम से समझाया गया है।