Correct option is A
सतत् एवं समग्र मूल्यांकन प्रणाली (CCE),एक ऐसी मूल्यांकन पद्धति है जो छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के
लिए डिज़ाइन की गई थी। इस प्रणाली का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ उनके सह-शैक्षणिक और व्यक्तिगत
गुणों का भी मूल्यांकन करना था।
CCE की शुरुआत और विस्तार:
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2009 में आरंभ: CCE प्रणाली को पहली बार 2009 में कक्षा 6 से 9 तक के छात्रों के लिए लागू किया गया।
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2010-11 सत्र में 10वीं कक्षा के लिए:
1. सीबीएसई ने सत्र 2010-11 से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में इस प्रणाली को लागू किया।
2. इसका उद्देश्य छात्रों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव कम करना और सतत् मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करना था।
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2017 में समाप्ति: कक्षा 10 के लिए यह प्रणाली 2017 में समाप्त कर दी गई और बोर्ड परीक्षा पुनः अनिवार्य कर दी गई।
CCE प्रणाली ने छात्रों के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों में सुधार के लिए कई गतिविधियों को शामिल किया, जिससे
उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
Information Booster:
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CCE प्रणाली: छात्रों के सतत और समग्र विकास के लिए डिज़ाइन की गई।
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लागू कक्षाएँ: 2009 में कक्षा 6 से 9 तक और 2010-11 में कक्षा 10 तक।
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मुख्य उद्देश्य: बोर्ड परीक्षा का दबाव कम करना और समग्र मूल्यांकन करना।
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समाप्ति: कक्षा 10 के लिए 2017 में इसे हटा दिया गया।
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महत्त्वपूर्ण बदलाव: CCE प्रणाली ने शिक्षण और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक समग्र और छात्र-केंद्रित बनाया।