Correct option is C
(c) भरतवाक्य
व्याख्या:
· भरतवाक्य: नाट्यशास्त्र में नाटक के अंत में बोले जाने वाले मंगलकारी और शुभकामना देने वाले पद को "भरतवाक्य" कहा जाता है। यह पद दर्शकों के लिए शुभकामना और नाटक की सफलता की कामना करता है।
अन्य विकल्पों के बारे में:
· (a) विदूषक: यह एक नाटकीय पात्र होता है जो हँसी-मजाक और व्यंग्य के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करता है।
· (b) मंगलवाक्य: मंगल वाक्य वह वाक्य होता है जो शुभता और मंगलकामना से जुड़ा होता है, लेकिन यह नाटक के अंत में प्रयुक्त होने वाला विशेष पद नहीं है।
· (d) व्याजवाक्य: यह वह वाक्य होता है जिसमें किसी बात को अप्रत्यक्ष रूप से, अक्सर व्यंग्य या संकेत के रूप में, व्यक्त किया जाता है। यह नाटक के अंत में प्रयुक्त मांगलिक पद नहीं होता है।