Correct option is C
सही उत्तर: (C) शोक
उत्तर की व्याख्या:
करुण रस का संबंध दुःख, दया, और विषाद से होता है। जब किसी पात्र की दुर्दशा, पीड़ा या विपत्ति को देखकर दर्शक या पाठक के हृदय में करुणा उत्पन्न होती है, तो वहाँ करुण रस की अनुभूति होती है।
रस का निर्माण उसके स्थायी भाव (स्थाई भाव) पर आधारित होता है। करुण रस का स्थायी भाव – "शोक" होता है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | अर्थ | सही / गलत | कारण |
|---|---|---|---|
A) लज्जा | शर्म का भाव | गलत | अप्रासंगिक विकल्प |
B) ममता | स्नेह, ममत्व | गलत | वात्सल्य से जुड़ा है |
C) शोक | दुःख, विषाद | सही | यही करुण रस का स्थायी भाव है |
D) सेल | कोई रस भाव नहीं | गलत | अप्रासंगिक विकल्प |
अतिरिक्त जानकारी:
नवरस (9 रस) एवं उनके स्थायी भाव:
क्रम | रस का नाम | स्थायी भाव | अर्थ/भावार्थ |
|---|---|---|---|
1 | शृंगार रस | रति (प्रेम) | प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य |
2 | वीर रस | उत्साह | साहस, पराक्रम, वीरता |
3 | करुण रस | शोक | दुःख, दया, करुणा |
4 | हास्य रस | हास | हँसी, विनोद, मज़ाक |
5 | रौद्र रस | क्रोध | गुस्सा, आक्रोश, प्रतिशोध |
6 | भयानक रस | भय | डर, आतंक |
7 | बीभत्स रस | जुगुप्सा | घृणा, विकर्षण |
8 | अद्भुत रस | आश्चर्य | विस्मय, चकित भाव |
9 | शांत रस | निर्वेद (वैराग्य) | शांति, संतोष, वैराग्य |
निष्कर्ष:
करुण रस का स्थायी भाव "शोक" होता है, क्योंकि यह रस दुःख की अवस्था को दर्शाता है। अतः सही उत्तर है – विकल्प C) शोक।