Correct option is C
| विकल्प | अर्थ | संगत/असंगत | कारण |
|---|---|---|---|
| A | जहाँ चाहें रास्ता बना लें | असंगत | यह वाक्य 'जहाँ चाह वहाँ राह' के अर्थ से मेल नहीं खाता, क्योंकि यह केवल किसी जगह को दिखाने का रूप है। |
| B | जहाँ चाहत होगी वहाँ रास्ता बन सकता है | असंगत | यह एक संदर्भित अर्थ है, लेकिन 'जहाँ चाह वहाँ राह' का मूल अर्थ 'इच्छा शक्ति से सफलता प्राप्ति' से मेल नहीं खाता। |
| C | प्राप्त करने की सदिच्छा हो तो अभिष्ट की प्राप्ति हो ही जाती है | संगत | यह सही अर्थ है, क्योंकि 'जहाँ चाह वहाँ राह' का अर्थ है कि दृढ़ इच्छा शक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। |
| D | मर्जी के मालिक | असंगत | यह अर्थ 'जहाँ चाह वहाँ राह' के उद्देश्य से मेल नहीं खाता। |
'रिमझिम' पुस्तक के पाठ 'जहाँ चाह वहाँ राह' के आधार पर यह कहानी इला सचानी की है, जो शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद, अपनी इच्छा शक्ति और दृढ़ संकल्प से अपने लक्ष्य को प्राप्त करती है।
कहानी का सार: यह बताती है कि जीवन में योग्यता के बावजूद भी परिश्रम और इच्छाशक्ति से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
पात्र चित्रण: इला सचानी एक 26 साल की महिला हैं, जो शारीरिक विकलांगता के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में कशीदाकारी करती हैं और उसमें सफलता प्राप्त करती हैं। उनकी माँ और दादी भी कशीदाकारी में माहिर हैं और उन्होंने ही इला को प्रेरित किया।
एनसीईआरटी समाधान: 'रिमझिम' कक्षा 5 के हिन्दी पाठ 5 'जहाँ चाह वहाँ राह' कविता से लिया गया है।