Correct option is B
सही उत्तर: (B) सरकारी कार्यालयों में लिखे जाने वाले पत्रों में अभिवादन 'सादर नमस्ते' लिखा जाना चाहिए।
व्याख्या:
· सरकारी कार्यालयों में लिखे जाने वाले पत्र
औपचारिक (Formal) होते हैं।
· ऐसे पत्रों में अभिवादन के लिए
'माननीय,' 'आदरणीय,' या 'श्रीमान' जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है,
· जबकि
'सादर नमस्ते' का उपयोग अनौपचारिक पत्रों या व्यक्तिगत पत्रों में किया जाता है।
विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
विश्लेषण |
सही/गलत |
| (A) |
छोटे लोगों को लिखे जाने वाले पत्रों में 'तुम्हारा शुभचिंतक,' 'शुभाकांक्षी,' 'हितैषी' जैसे शब्दों का समापन में उपयोग करना उपयुक्त है। |
सही |
| (B) |
सरकारी कार्यालयों में औपचारिक भाषा का प्रयोग होता है। 'सादर नमस्ते' औपचारिकता के लिए उपयुक्त अभिवादन नहीं है। |
गलत |
| (C) |
माता-पिता और अन्य बड़े लोगों के लिए पत्र में 'आदरणीय' या 'पूज्य' जैसे शब्दों का उपयोग आदर प्रकट करने के लिए सही है। |
सही |
| (D) |
वैयक्तिक पत्र अनौपचारिक होते हैं, और इनमें औपचारिकता की आवश्यकता नहीं होती। |
सही |
औपचारिक-पत्र की प्रशस्ति, अभिवादन व समाप्ति:-
प्रशस्ति - श्रीमान, श्रीयुत, मान्यवर, महोदय आदि।
अभिवादन - औपचारिक-पत्रों में अभिवादन नहीं लिखा जाता।
समाप्ति - आपका आज्ञाकारी शिष्य/आज्ञाकारिणी शिष्या, भवदीय/भवदीया, निवेदक/निवेदिका, शुभचिंतक, प्रार्थी आदि।
निष्कर्ष:
· सरकारी कार्यालयों में पत्र लेखन में औपचारिक अभिवादन का ध्यान रखना चाहिए।
· 'सादर नमस्ते' जैसे अभिवादन का उपयोग अनौपचारिक या व्यक्तिगत पत्रों में किया जाता है।
· इसलिए, सही उत्तर है: (B) सरकारी कार्यालयों में लिखे जाने वाले पत्रों में अभिवादन 'सादर नमस्ते' लिखा जाना चाहिए।