Correct option is B
सही उत्तर: (B) श्रृंगार रस
उत्तर की व्याख्या:
रस का आधार उसके स्थायी भाव (स्थायी भाव = स्थायी भावनात्मक अवस्था) होता है।
श्रृंगार रस का स्थायी भाव 'रति' (प्रेम या अनुरक्ति) होता है।
जब किसी काव्य में 'रति' भाव का सजीव, कल्पनाशील और कलात्मक प्रदर्शन होता है, तब वहाँ श्रृंगार रस की अनुभूति होती है।
श्रृंगार रस का स्थायी भाव 'रति' (प्रेम या अनुरक्ति) होता है।
जब किसी काव्य में 'रति' भाव का सजीव, कल्पनाशील और कलात्मक प्रदर्शन होता है, तब वहाँ श्रृंगार रस की अनुभूति होती है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | सही / गलत | कारण |
|---|---|---|
A. अद्भुत रस | गलत | इसका स्थायी भाव 'आश्चर्य' है। |
B. श्रृंगार रस | सही | इसका स्थायी भाव 'रति' (प्रेम) है। |
C. भक्ति रस | गलत | यह एक आधुनिक रस है और इसका स्थायी भाव ‘भक्ति’ या ‘श्रद्धा’ माना जाता है, परंतु शास्त्रीय नव रसों में नहीं आता। |
D. शान्त रस | गलत | इसका स्थायी भाव 'निर्वेद' (वैराग्य या उदासीनता) होता है। |
अतिरिक्त जानकारी:
रस | स्थायी भाव |
|---|---|
श्रृंगार | रति (प्रेम) |
हास्य | हास (हँसी) |
करुण | शोक |
रौद्र | क्रोध |
वीर | उत्साह |
भयानक | भय |
वीभत्स | घृणा |
अद्भुत | आश्चर्य |
शान्त | निर्वेद (वैराग्य) |
निष्कर्ष:
श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति होता है, जो प्रेम और आकर्षण को दर्शाता है।इसलिए सही उत्तर है – (B) श्रृंगार रस।