Correct option is B
तद्भव शब्द वह होते हैं जो संस्कृत शब्दों से उत्पन्न होते हैं, लेकिन उनका रूप संस्कृत के मूल रूप से थोड़ा बदल जाता है।
चिक्कण शब्द संस्कृत के "चिक्कण" से तद्भव रूप में आया है और इसका सामान्य हिंदी रूप "चिकना" है,
जिसका अर्थ होता है चिकना या मुलायम सतह।चतुर्थ: यह संस्कृत शब्द का शुद्ध रूप है, और तद्भव नहीं है।
चित्रकार: यह संस्कृत से आया है, लेकिन यह तद्भव नहीं है, बल्कि यह एक मिश्रित रूप है।
चक्रवाक: यह भी संस्कृत का शुद्ध रूप है, और इसका तद्भव रूप नहीं है।
| विकल्प | विश्लेषण | सही / गलत |
|---|---|---|
| (A) चतुर्थ | यह संस्कृत शब्द का शुद्ध रूप है, तद्भव नहीं है। | गलत |
| (B) चिकना | यह सही है, "चिक्कण" शब्द का तद्भव रूप "चिकना" है। | शुद्ध |
| (C) चित्रकार | यह संस्कृत शब्द है, तद्भव नहीं है। | गलत |
| (D) चक्रवाक | यह संस्कृत का शुद्ध रूप है, तद्भव नहीं है। | गलत |
शब्द प्रकार | वर्णन | उदाहरण |
तत्सम | संस्कृत से ज्यों के त्यों लिए गए शब्द। | कूप, उष्ट्र, पंचम |
अर्द्ध तत्सम | संस्कृत से थोड़ा परिवर्तित होके हिंदी में आए शब्द। | कार्य → कारज, धैर्य → धीरज |
तद्भव | संस्कृत से हिंदी में आने पर जिन शब्दों का रूप बदल गया हो। | आग, काम, पाँच |
इसलिए, सही उत्तर: (B) चिकना