Correct option is B
सही उत्तर:(b) स्वतः उत्पन्न
व्याख्या: स्वयंभू शब्द का अर्थ है स्वतः उत्पन्न। यह उन वस्तुओं या व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है जो बिना किसी बाहरी कारण या हस्तक्षेप के स्वयं प्रकट या उत्पन्न होते हैं। इसे विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक संदर्भों में उपयोग किया जाता है, जैसे कि भगवान शिव को "स्वयंभू" कहा जाता है क्योंकि वे बिना किसी उत्पत्ति के माने जाते हैं।
विकल्पों का विश्लेषण:
व्याख्या: स्वयंभू शब्द का अर्थ है स्वतः उत्पन्न। यह उन वस्तुओं या व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है जो बिना किसी बाहरी कारण या हस्तक्षेप के स्वयं प्रकट या उत्पन्न होते हैं। इसे विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक संदर्भों में उपयोग किया जाता है, जैसे कि भगवान शिव को "स्वयंभू" कहा जाता है क्योंकि वे बिना किसी उत्पत्ति के माने जाते हैं।
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | अर्थ | सही या गलत |
(a) | स्वावलंबी (अपने बल पर निर्भर) | गलत (स्वयंभू का यह अर्थ नहीं है) |
(b) | स्वतः उत्पन्न | सही (यह स्वयंभू का सही अर्थ है) |
(c) | सर्वश्रेष्ठ | गलत (यह किसी श्रेष्ठता को दर्शाता है, पर स्वयंभू से संबंधित नहीं है) |
(d) | सर्वोपरि | गलत (यह शीर्ष स्थान को दर्शाता है, पर यह स्वयंभू का अर्थ नहीं है) |
महत्वपूर्ण तथ्य:
1. स्वयंभू शब्द दो भागों से बना है:
· स्वयं: जिसका अर्थ है "अपने आप"।
· भू: जिसका अर्थ है "होना"। इसका संपूर्ण अर्थ है "जो अपने आप हुआ हो"।
2. इस शब्द का उपयोग विशेष रूप से ईश्वर, ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, या किसी ऐसी वस्तु के लिए होता है जो बिना किसी बाहरी मदद के अस्तित्व में हो।
3. धार्मिक ग्रंथों में इसे ईश्वर के स्वरूपों के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे:
· भगवान शिव (स्वयंभू लिंग)।
· ब्रह्मा, जिन्हें "स्वयंभू देवता" भी कहा जाता है।
सूचना बूस्टर:
1. स्वयंभू शब्द दो भागों से बना है:
· स्वयं: जिसका अर्थ है "अपने आप"।
· भू: जिसका अर्थ है "होना"। इसका संपूर्ण अर्थ है "जो अपने आप हुआ हो"।
2. इस शब्द का उपयोग विशेष रूप से ईश्वर, ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, या किसी ऐसी वस्तु के लिए होता है जो बिना किसी बाहरी मदद के अस्तित्व में हो।
3. धार्मिक ग्रंथों में इसे ईश्वर के स्वरूपों के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे:
· भगवान शिव (स्वयंभू लिंग)।
· ब्रह्मा, जिन्हें "स्वयंभू देवता" भी कहा जाता है।
सूचना बूस्टर:
● "स्वयंभू" का उपयोग अद्वितीय और स्वतः उत्पन्न वस्तुओं के लिए किया जाता है।
● यह शब्द आध्यात्मिक और धार्मिक संदर्भों में प्रमुखता से प्रयुक्त होता है।
● संस्कृत साहित्य में स्वयंभू का उल्लेख विशेष रूप से भगवान शिव और ब्रह्मा के संदर्भ में किया गया है।
● इस शब्द का उपयोग दर्शन, अध्यात्म, और साहित्य में गहरी दार्शनिकता व्यक्त करने के लिए होता है।