Correct option is B
सही उत्तर: (b) बिहारी
'मगही' बिहारी उपभाषा की एक प्रमुख बोली है। इसका मुख्य केंद्र बिहार के पटना और गया जिले हैं। यह प्राचीन समय में कैथी लिपि में लिखी जाती थी, लेकिन आधुनिक काल में देवनागरी लिपि में इसका अधिक उपयोग होता है। बिहारी उपभाषा की तीन मुख्य शाखाएँ हैं – भोजपुरी, मगही और मैथिली।
पूर्वी हिंदी और बिहारी उपभाषा का वर्गीकरण:
पूर्वी हिंदी: इसमें तीन शाखाएँ हैं – अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी।
- अवधी: मुख्यत: कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और अयोध्या जैसे क्षेत्रों में बोली जाती है।
- बघेली: रीवा, सतना और शहडोल के क्षेत्रों में प्रचलित है।
- छत्तीसगढ़ी: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर के क्षेत्रों में प्रचलित है।
बिहारी उपभाषा:
- इसमें भोजपुरी, मगही, नागपुरी, खोरठा और पंचपरगनिया जैसी बोलियाँ आती हैं।
- भोजपुरी: मुख्यत: बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों में बोली जाती है।
- मगही: यह बिहार के पटना और गया के अलावा झारखंड के कुछ हिस्सों में बोली जाती है।
- मैथिली: यह मिथिला क्षेत्र में प्रचलित है और भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है।
अन्य विकल्प:
- छत्तीसगढ़ी: यह पूर्वी हिंदी की शाखा है।
- पूर्वी हिंदी: इसमें अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी शामिल हैं।
- मालवी: यह राजस्थानी उपभाषा की एक प्रमुख बोली है।
सूचना बूस्टर:
● 'मगही' प्राचीन काल से बिहार में बोली जाती है।
● मगही साहित्य में वर्तमान काल में देवनागरी लिपि का व्यापक उपयोग हो रहा है।
● बिहारी उपभाषा में 'भोजपुरी' सबसे अधिक प्रचलित बोली है।
● पूर्वी हिंदी की 'अवधी' शाखा तुलसीदास की 'रामचरितमानस' के लिए प्रसिद्ध है।
● 'बिहारी' उपभाषा क्षेत्र झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में विस्तृत है।
● मगही का नामकरण मगध क्षेत्र के आधार पर हुआ है।