Correct option is A
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
वीरत्व का वास्तविक अस्तित्व तभी प्रकट होता है जब व्यक्ति वीर कर्म करता है, और यह वीरता कठोर साधना, आत्मसंयम, और दृढ़ संकल्प के माध्यम से अभिव्यक्त होती है।
सच्चे वीर पुरुष धीर, गंभीर, और स्वतंत्र होते हैं, और उनकी वीरता विभिन्न प्रकार से प्रकट होती है, जैसे युद्ध में वीरता दिखाना या सत्य की खोज में बुद्ध की तरह विरक्त होकर वीर बनना।
इस प्रकार, वीरत्व की अभिव्यक्ति कठोर साधना में होती है, जो वीर कर्म के माध्यम से प्रकट होती है।